आगरालीक्स ….आगरा में आईएमए अध्यक्ष डॉ रवि पचौरी के रवि हॉस्पिटल, डॉ राजीव उपाध्याय के उपाध्याय हॉस्पिटल पर कार्रवाई के आदेश से आक्रोश, आईएमए के अध्यक्ष ने जिला प्रशासन पर कोरोना के केस कम करने के लिए निजी लैब की जांच पर रोक लगाने के लगाए आरोप।
निजी अस्पतालों में मरीजों को भर्ती किया जा रहा है, इन अस्पतालों के लिए गाइड लाइन तैयार की गई है, जिससे कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने पर श्री पारस हॉस्पिटल की तरह से संक्रमण ना फैल सके। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आईएमए अध्यक्ष डॉ रवि मोहन पचौरी के दिल्ली गेट स्थित रवि हॉस्पिटल और आईएमए प्रेसीडेंट इलेक्ट डॉ राजीव उपाध्याय के उपाध्याय हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। टीम ने दोनों अस्पतालों में गाइड लाइन के तहत इंतजाम ना करने की रिपोर्ट दी, इस पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई के आदेश दे दिए।
जिला प्रशासन पर आईएमए ने लगाए गंभीर आरोप
इस मामले में आईएमए की जूम पर बैठक हुई। आईएमए द्वारा जारी की गई प्रेस रिपोर्ट के अनुसार, आईएमए अध्यक्ष डॉ रवि पचौरी ने कहा कि प्रशासन प्राइवेट में कोविड-19 टेस्ट ना करवा कर बढ़ते हुए आंकड़ों को रोक रहा है। अपनी नाकामयाबी को छिपाने के लिए प्राइवेट चिकित्सकों पर नित्य नए गाइडलाइन थोप कर बड़े एवं छोटे अस्पतालों को आपस में बांट रहा है।
आईएमए के प्रेसीडेंट इलेक्ट डॉ राजीव उपाध्याय ने कहा कि उनके द्वारा बार-बार झोलाछाप के द्वारा किए जा रहे इलाज पर कार्रवाई करने के लिए कहा गया, प्रशासन से पूछा कि किस झोलाछाप पर कार्रवाई की, इसलिए उनके अस्पताल का निरीक्षण कराने के बाद कार्रवाई के आदेश दे दिए गए।
सचिव डॉ संजय चतुर्वेदी ने कहा कि पिछली कुछ बैठक में प्रशासन के साथ यह निर्णय हुआ था कि स्वास्थ्य विभाग की टीम चिकित्सकों को गाइडलाइन बताएगी। लिए डॉक्टर सुधीर ठाकरे की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई थी उस कमेटी को प्रशासन ने अपने साथ ना लेते हुए इन दो अस्पतालों पर कार्यवाही की।
पूर्व अध्यक्ष डॉ संदीप अग्रवाल ने बताया आईएमए का प्रत्येक चिकित्सक एवं उनके अस्पताल बराबर हैं और आईएमए को बांटने का कोई भी प्रयास सफल नहीं होगा।
पूर्व अध्यक्ष डॉक्टर डीवी शर्मा ने बताया प्रशासन अपनी कमियों को छिपाने के लिए चिकित्सकों पर बार-बार हमला बोलता है। पूर्व सीएमओ डॉ मुकेश वत्स को भी भी इसलिए हटाया गया। अध्यक्ष डॉ शरद गुप्ता ने भी प्रशासन की इस कदम की भर्त्सना की । पूर्व सचिव डॉ ओ पी यादाव ने बताया की कैसे पूर्व प्रधान मन्त्रइ इन्द्रा गान्धी ने अपने राष्ट्रीय शत्रुओं पर प्रहार किया था।
पूर्व अध्यक्ष डॉ जेएन टंडन ने प्रशासन को आगाह किया कि डॉ राजीव गुप्ता से लेकर डॉ राजीव उपाध्याय तक जितने भी चिकित्सकों पर इस महामारी काल में जो अवैधानिक कार्यवाही हुई हैं अगर उन्हें वापस ना लिया गया तो चिकित्सक हर बीमारी का इलाज करना जानता है । पहले भी बहुत बार अपने क्लीनिक को बंद कर सड़क पर आले लेकर बैठ चिकित्सकों ने गरीब निरीह जनता एवं दुखी गरीब मरीजों का इलाज किया है। हर बार मरीजों को नुकसान होता है, प्रशासन इसका ध्यान रखे। कोरोना
पूर्व विधायक डॉ राजेंद्र सिंह ने कहा कि वारियर के नाम पर तालियां और तालियां पीटने से ज्यादा अगर चिकित्सकों को प्रेम व सम्मान दिया।
पूर्व अध्यक्ष डॉ वीरेंद्र खंडेलवाल ने कहा की सिर्फ 10 अस्पतालों को ही नहीं सभी आगरा के अस्पतालों को कार्य करने की अनुमति प्रशासन दे।
पूर्व सचिव डॉ ओपी यादव ने ओपीडी शुरू करने की मांग की।
छावनी बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ पंकज महेंद्रू ने कहा कि आगरा पूर्ण शक्ति के साथ प्रशासन की हर दमन कारी एक्शन का जवाब देना जानती है । बैठक में डॉ सुनील शर्मा, डॉ हरदीप, डॉ अश्वनी, डॉ अनूप दीक्षित, डॉ पंकज नगाइच आदि मौजूद रहे।