आगरालीक्स ..क्या सूरज के मरने के साथ धरती भी खत्म हो जाएगी.
कल्पना कीजिए किसी दिन सूरज हमेशा के लिए गायब हो जाए तो क्या होगा, सूरज के गायब होने की बात कोई वैज्ञानिक कथा नहीं बल्कि एक हकीकत है। वैज्ञानिकों की मानें तो पांच बिलयन सालों के अंदर सूरज की गर्मी समाप्त हो जाएगी। तब सोचिए पृथ्वी और इसके निवासियों का क्या होगा।
सूरज के मरने से पहले ही समस्याएं
इंग्लैंड की मेनचेस्टर विश्वविद्यालय के खगोलविदों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने शोध किया और कुछ भविष्यवाणियां कीं हैं। सूरज की क्या स्थिति होगी। खगोलविदों ने जो डेटा तैयार किया है, उसके मुताबिक सूरज की मौत से पहले ही समस्याएं दिखने लगेंगी। इसे समझने के लिए सूरज की गर्मी के बारे में जानना जरूरी है।
न्यूक्लियर फ्यूजन से होती है गर्मी
वास्तव में सूरज की गर्मी का कारण न्यूक्लीयर फ्यूजन होता है। इससे हाइड्रोजन गैस हीलियम में बदल जाती है। इसी प्रक्रिया में ही गर्मी पैदा होती है। अब से करीब चार बिलयन साल के भीतर ये प्रक्रिया गड़बड़ाने लगेगी और इसके संतुलन की कोशिश में सूरज बहुत ज्यादा गरम हो जाएगा। इस अवस्था को वैज्ञानिक रेड जायंट कहते हैं। रेड जायंट का अर्थ है कि सूरज पहले तो और ज्यादा गरम और चमकीला होता जाएगा। ज्ञातव्य है कि डायनासोर काल में सूरज की रोशनी बहुत कम थी। इसी तरह हमारे बाद की पीढ़ियां ज्यादा गर्मी देखेंगी।
सूरज निगल जाएगा मंगल, शुक्र व धरती
सूरज का तापमान इतना ज्यादा हो बढ़ेगा कि पानी के सभी प्राकृतिक स्रोत सूख जाएँगे। रेड जायंट की स्थिति में हमारी पृथ्वी शुक्र ग्रह की तरह दिखाई देगी और वातावरण में केवल कार्बन डाईआक्साइड ही रहेगी। स्थिति इससे भी ज्यादा खराब होगी, जब हाईड्रोजन फ्यूजन प्रक्रिया बढ़ने पर सूरज का आकार बढ़ने लगेगा। सूरज का आकार इतना ज्यादा बढ़ेगा कि अपने आसपास के ग्रह जैसे मंगल और शुक्र को भी निगल जाएगा। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि धरती भी सूरज में समा जाएगी। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि सूरज का आकार फ्यूजन से कितना बढ़ेगा।
.., तो चट्टानें भाप बनने लगेंगी
वैज्ञानिकों के अनुसार अगर सूरज का आकार बढ़ना बंद भी हो जाए तो रेड जायंट से इतनी गर्मी निकलेगी कि समुद्रों को पीने के बाद ये तापमान चट्टानों को भी भाप बनाना शुरू कर देगा। ऐसे में इंसानों या दूसरे जीव-जंतुओं या वनस्पति का बचना मुश्किल हो जाएगा।
दूसरे ग्रह पर बस सकता है इंसान
यह भी संभावना व्यक्त की गई है कि जैसे बेहद ठंडे इलाकों में लोग रहने लगे हैं। वैसे ही ज्यादा गर्मी में रहने के लिए भी मनुष्य अनुकूलित हो सकते हैं। बहरहाल अभी इस बारे में लोग अनुमान ही लगा रहे हैं। एक अनुमान यह भी है कि तब तक मनुष्य दूसरे ग्रहों पर जाकर बस जाए। संभावना जताई जा रही है कि तब तक मनुष्य़ दूसरे ग्रह पर जाकर बस जाए। संभावना जताई जा रही है कि मनुष्य सूरज से दूर किसी ग्रह जैसे प्लूटो पर जाकर बस जाए।