आगरालीक्स…आगरा में पहले दिन 40% ही बच्चे पहुंचे स्कूल. कुछ स्कूलों में तो क्लास में सिर्फ 1 या 2 बच्चा ही दिखा. बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर आगरालीक्स से ये बोले पेरेंट्स…
प्रदेश सरकार के आदेश के बाद 1 मार्च से कक्षा 1 से 5 तक के स्कूल खोल दिए गए हैं. स्कूलों में बच्चों का स्वागत तिलक लगाकर और चॉकलेट देकर किया गया. हालांकि पहले दिन पूरा ओवरआल देखा जाए तो करीब 35 से 40 प्रतिशत बच्चे ही स्कूल पहुंंचे. बच्चों की कम संख्या को देखकर एक बार फिर स्कूल प्रबंधकों में थोड़ी मायूसी देखी गई लेकिन जितने भी बच्चे स्कूल पहुंंचे, उनका स्वागत किया गया और मास्क और सेनेटाइजर के साथ सोशल डिस्टेंसिंग भी दिखाई दी.
आगरा में इतने हैं स्कूल
आगरा में सरकारी और निजी स्कूल मिलाकर करीब 5 हजार स्कूल हैं. स्कूल 1 मार्च से खुल तो गए हैं लेकिन बच्चों का पहुंचना अभी भी बहुत कम हैं. सोमवार को कई स्कूल तो ऐसे भी हैं जहां क्लास में सिर्फ 1 या दो बच्चे ही पहुंचे. कुछ ही स्कूल ऐसे थे जहां बच्चों की थोड़ी बहुत अच्छी संख्या देखी गई. सरकारी स्कूलों की हालत तो और भी खराब है. यहां तो बच्चों का पहुंचना पहले से ही कम था.
अधिकतर पेरेंट्स का ये है कहना
जैसा कि आपको विदित है कि शासन से ये भी आदेश हैं कि बच्चों को स्कूल भेजने के लिए पेरेंट्स की अनुमति जरूरी है. अगर पेरेंट्स बच्चों को स्कूल भेजना नहीं चाहते और आनलाइन पढ़ाई ही कराना चाहते हैं तो स्कूलों को भी उनकी पढ़ाई आनलाइन ही करानी होगी. आगरालीक्स ने जब पेरेंट्स से बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर बात की तो अधिकतर पेरेंट्स का कहना था कि हम अपने बच्चों को नये सेशन से ही स्कूल भेजेंगे. हालांकि कई पेरेंट्स ऐसे भी थे जिनका कहना था कि अभी हम दो—चार दिन देखेंगे उसके बाद ही स्कूल भेजेंगे. कई पेरेंट्स का कहना है कि हम लोग इस सेशन में आनलाइन ही एग्जाम कराएंगे. बच्चों को अगले सेशन में ही स्कूल भेजेंगे. जानिए क्या कहा पेरेंट्स ने
दयालबाग में रहने वाले अजय प्रताप का कहना है कि बच्चों के स्कूल तो खुल गए हैं, लेकिन हम बच्चों को स्कूल अब नए सेशन से ही भेजेंगे. अब जब पूरी पढ़ाई आनलाइन ही हुई है तो इस सेशन के एग्जाम भी अब हम आनलाइन ही कराएंगे.
खंदारी के रहने वाले सुभाष का कहना है कि हम बच्चों को भेजेंगे लेकिन अभी एक या दो दिन और देखेंगे. तब तक स्कूल में व्यवस्थाओं को लेकर पूरी जानकारी भी हो जाएगी. उसी हिसाब से निर्णय लिया जाएगा.
सदर के राहुल सिंह का कहना है कि जब पूरी जिम्मेदारी बच्चों की पेरेंट्स के ऊपर ही है तो हम अपने हिसाब से ही बच्चों को स्कूल भेजेंगे. मैं अपने बच्चों को नए सेशन पर ही स्कूल भेजूंगा. उनके एग्जाम आनलाइन ही कराएंगे.