आगरालीक्स…आगरा में स्ट्रीट डॉग्स को बांधी रेडियम कॉलर बैंड. रात में बेजुबानों को दुर्घटना से बचाने का प्रयास..सोलर लाइट देकर झोपड़ियों से दूर किया अंधेरा…
सोलर लाइट पाकर खिले महिलाओं के चेहरे
सूरज ढलने के बाद अब नुनिहाई की झोपड़ियों में अंधेरा नहीं पसरेगा। रविवार को एक कर्तव्य संस्था द्वारा यहां 50 सोलर लाइट का वितरण किया गया। अब यहां के लोग दो घंटे धूप में सोलर लाइट के सेल को चार्ज करते 24 घंटे रोशनी पा सकेंगे। सोलर लाइट पाकर क्षेत्रीय लोगों के चेहरे पर खुशी बिखर गई, विशेषकर महिलाओं के चेहरों पर।

कहा—नहीं सोचा था ऐसा
क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि दैनिक उपयोग की वस्तुएं तो कई बार लोग दे जाते थे। लेकिन बस्ती में सूरज ढलने के बाद पसरने वाले अंधेरे के बारे में किसी ने नहीं सोचा। इतना पैसा नहीं कि टोरंट के कनेक्शन ले सकें। बच्चों की पढ़ाई और बाकी काम दिन में ही निपटाने का प्रयास करते थे। लेकिन अब अंधेरा होने पर भी दिन की तरह काम-काज कर सकेंगे।

65 श्वानों के गले में बांधे रेडियम कॉलर बैंड
संस्था के सदस्यों ने इस क्षेत्र के लगभग 65 श्वानों के गले में रेडियन कॉलर बैंड भी बांधी। विभिन्न क्षेत्रों के 500 श्वानों के गले में रेडियम कॉलर बैंड बांधी जाएंगी। इस अवसर पर मुख्य रूप से अध्यक्ष अनुज गुप्ता, अमित गौतम, आरएन गोस्वामी, खुशबू गुप्ता, काव्या दीक्षित, विनीता अरोरा, ध्रुव ठाकुर, प्रमोद बादलानी, यशु, प्रज्ज्वल सिंघल, मोंटी, आर्यन, अमन, साहिल आदि उपस्थित थे।