आगरालीक्स.. आगरा के डीईआई में आज के ही दिन शोध छात्रा हत्याकांड, पिता बोले सपनों में आती है बेटी, मांगती है इंसाफ, आठ साल, 38 लोगों की गवाही, आज कोर्ट में भी तारीख।
आठ साल पीछे चलते हैं। 15 मार्च 2013, रात सात बजे डीईआई परिसर के बाहर खेलगांव के पास एक लाल रंग की कार को देखकर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस कार के पास पहुंची, कार को खोला, कार के नंबर से पता करने के बाद कार मालिक को फोन किया, उन्होंने बताया कि कार से उनकी बेटी डीईआई में जाती है, वह सुबह डीईआई गई थी, वहां की नैनो बायोटेक्नोलॉजी लैब में रिसर्च कर रही है।
नैनो टेक्नोलॉजी लैब में खून से लथपथ शव
शोध छात्रा के परिजन और पुलिस डीईआई की नैनो बायोटेक्नोलॉजी लैब पहुंची, लैब में शोध छात्रा का खून से लथपथ शव पडा हुआ था। कपडे अस्त व्यस्त थे। पुलिस जांच में जुट गई, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट इसके बाद सीबीआई की जांच हुई। सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में रेप के बाद हत्या की पुष्टि करते हुए, डीईआई के एक अधिकारी के रिश्तेदार, बीएससी के छात्र उदय स्वरूप और लैब सहायक यशवीर संधू को आरोपी माना गया। उदयस्वरूप जेल में है और यशवीर संधू जमानत पर बाहर है।
64 में से 38 की हो चुकी है गवाही
डीईआई शोध छात्रा रेप और हत्या के मामले में 64 लोगों को सीबीआई ने गवाह बनाया है। इसमें से 38 लोगों की गवाही हो चुकी है।
बेटी को दिलवाना है इंसाफ
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शोध छात्रा के पिता कोर्ट में तारीख पर दिल्ली से आगरा आते हैं। उनका कहना है कि कोर्ट में तारीख से पहले सपने में बेटी आती है, इंसाफ मांगती है। वह जो भी कमाते हैं, उसे केस के सिलसिले में खर्च कर देते हैं। उनका कहना है कि जिंदगी का उददेश्य बेटी केा इंसाफ दिलाना है, 60 की उम्र हो चुकी है।