आगरालीक्स…आगरा में नाइट कर्फ्यू से क्या फर्क पड़ेगा जानिए इन लोगों का दर्द. सामने सबसे बड़ा सीजन, अब खतरे में सैकड़ों बुकिंग…
फिर से टेंशन में कारोबारी
कोरोना का कहर एक बार फिर कई कारोबार को अपनी चपेट में लेता हुआ दिखाई दे रहा है. हाल ही में जिस हिसाब से आगरा में कोरोना संक्रमण के केस मिल रहे हैं और उसको देखकर शासन और प्रशासन द्वारा जो सख्ती अपनाई जा रही है उसने कई कारोबारियों की नींद उड़ा दी है. आगरा में एक बार फिर से कारोबारियों को अपने व्यवसाय को लेकर चिंता सताने लगी है. अब शनिवार यानी कल से आगरा में नाइट कर्फ्यू लगाए जाने की भी जानकारी मिली है. ऐसे में अगर नाइट कर्फ्यू लगता है तो सबसे ज्यादा धड़कनें शादियों से जुड़े कारोबारियों की बढ़ रही हैं.

एक साल में सिर्फ 10 से 12 बुकिंग
आगरा में सुधीर बैंड के संचालक रिकी शर्मा का कहना है कि पिछले साल शादियों का सीजन शुरू होने से पहले ही लॉकडाउन लग गया. गर्मियों का सीजन पूरी तरह लॉकडाउन के कारण ठप रहा. दिसंबर और जनवरी में 10 से 12 बुकिंग ही मिलीं. फरवरी में एक और मार्च में भी सिर्फ एक ही दिन सहालग था. इस साल से हमें पिछले एक साल में सिर्फ 10 से 12 ही बुकिंग मिली हैं.
सबसे बड़े सीजन का इंतार
आगामी 20 अप्रैल से शादियों का सबसे बड़ा सीजन शुरू हो रहा हे, जो कि मई, जून और जुलाई की कुछ तारीखों तक चलेगा. बैंड बाजा बारात से जुड़े लोगों को इस सीजन का सबसे बेसब्री से इंतजार है. लेकिन आगरा में फिर से संक्रमण की रफ्तार तेज हो गई है और सख्ती अपनाई जा रही है. शनिवार से आगरा में नाइट कर्फ्यू लगाए जाने की भी मीडिया रिपोर्ट है. ऐसे में बैंड बाजा बारात से जुड़े कारोबारी असमंजस की स्थिति में हैं. उन्हें समझ में नहीं आ रहा हे कि क्या किया जाए और क्या नहीं. जिन लोगों ने बुकिंग पहले ही कर ली है उनके लगातार फोन आ रहे हैं. हालांकि अभी तक बुकिंग कैंसिल नहीं हुए हैं लेकिन संक्रमण की रफ्तार यही रही तो शादी सहित सभी उत्सवों पर ग्रहण लग सकता है. इससे शादी ब्याह से जुड़े व्यापार करने वालों की समस्या बढ़ गई है.
पिछले 15 दिन से नहीं आ रही कोई बुकिंग
आगरा में जगदीश बैंड के संचालक भूपेंद्र शर्मा का कहना है कि फरवरी में कोरोना के केस कम होने पर अप्रैल और मई में होने वाली शादियों की बुकिंग आना शुरू हो गई थी. लेकिन पिछले 15 दिन से यानी जब से कोरोना के केस बढ़ना शुरू हुए हैं बुकिंग मिलना ही बंद हो गई हैं. जिन लोगों की शादी जून या जुलाई में होनी हैं, वो लोग बुकिंग कराने के लिए आना ही बंद हो गए हैं. उनका कहना है कि नाइट कर्फ्यू अगर अप्रैल और मई तक रहा तो व्यापार की स्थिति काफी गंभीर और चिंतानजक हो जाएगी.
घर चलाना हुआ मुश्किल
कोरोना के कारण पिछले एक साल से बैंड बाजा बारात से जुड़े कर्मचारियों की हालत सबसे ज्यादा खराब है. बढ़ते संक्रमण के कारण इन लोगों का शादी में तो नहीं परंतु घर पर बैठे बाजा बज रहा है. काम न मिलने से घर चलाना मुश्किल हो रहा है. कई छोटे—मोटे बैंड संचालक तो ऐसे हैं जिन्हें इस माह अच्छी बुकिंग मिलने का इंतजार था लेकिन एक बार फिर कोरोना महामारी ने उनके कामकाज पर बाधा उत्पन्न कर दी है.
आगरा में 30 हजार से ज्यादा शादियों
अप्रैल की 20 तारीख से शुरू हो रहे सहालग में आगरा में ही करीब 30 हजार शादियां है. लेकिन कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने शादियों की धूम पर फिर से संकट पैदा कर दिया है.