आगरालीक्स…… आगरा में रिकार्ड 102 नए केस आए हैं, सक्रिय केस 625 हो गए हैं। नाइट कर्फ्यू को लेकर डीएम प्रभु एन सिंह ने आईएमए और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की, इसमें निर्णय लिया गया है कि आगरावासी कोविड एप्रोपिएट बिहेव्यर अपनाते हैं तो नाइट कर्फ्यू को टाला जा सकता है, अभी जिला प्रशासन ने आगरा में नाइट कर्फ्यू लगाने का निर्णय नहीं लिया है।
102 नए केस, सात केस अन्य जिलों के
आगरा में 10 अप्रैल को कोरोना के रिकार्ड 102 केस मिले हैं। इसमें से सात नए केस अन्य जिलों के हैं। सक्रिय केस की संख्या 625 हो गई है। यूपी में जिन शहरों में एक दिन में 100 से अधिक कोरोना के केस मिल रहे हैं, सक्रिय केस 500 से अधिक हैं, वहां नाइट कर्फ्यू लगाया जा रहा है। मगर, आगरा में अभी नाइट कर्फ्यू नहीं लगाया गया है, नाइट कर्फ्यू लगने से आगरा के कारोबार और मांगलिक कार्यक्रम में भी समस्या आएगी। इसके चलते नाइट कर्फ्यू को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
कोविड एप्रोपिएट बिहेव्यर से टाल सकते हैं नाइट कर्फ्यू
कोरोना के केस लगातार बढ रहे हैं। इसे लेकर डीएम प्रभु एन सिंह ने आईएमए के पदाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ नाइट कर्फ्यू को लेकर चर्चा की। इसके बाद निर्णय लिया गया है कि अभी भी लोग कोविड एप्रोपिएट बिहेव्यर अपनाकर नाइट कर्फ्यू को टाल सकते हैं।
क्या है कोविड एप्रोपिएट बिहेव्यर
सीएमओ डॉ आरसी पांडे ने बताया कि कोरोना की पहली लहर को लॉकडाउन और अनलॉक होने के बाद कोविड एप्रोपिएट बिहेव्यर से मात दी थी। इसमें मास्क का इस्तेमाल, शारीरिक दूरी का पालन, हाथ को साबुन से धोना और सैनेटाइज करना, इसके साथ ही भीडवाले क्षेत्रों में जाने से बचना। इस तरह कोरोना के संक्रमण को रोका जा सकता है और कोरोना चेन ब्रेक हो सकती है।