आगरालीक्स…(25 May 2021 Agra) आगरा में एक घर के दरवाजे में फंसा था कोबरा. देख कर सदमे में आए घर के लोग. शौचालय में फ्लश टैंक के ऊपर भी था सांप. ऐसे किया रेस्क्यू
सोमवार और मंगलार को पकड़े कई सांप
इस सप्ताह की शुरुआत से ही आगरा की वाइल्डलाइफ एसओएस टीम के लिए काफी व्यस्त और चुनौतीपूर्ण रही. जब शहर भर में सांपों के देखे जाने की संख्या में वृद्धि आई. दरवाजे की चौखट में फंसा कोबरा, शौचालय में फ्लश टैंक के ऊपर बैठा चेकर्ड कीलबैक सांप, या फिर एक गिट्टी के प्लांट में दो रैट स्नेक, ये वाइल्डलाइफ एसओएस द्वारा सोमवार और मंगलवार में किए गए कुछ दिलचस्प रेस्क्यू हैं. पिछले सप्ताह हुई बारिश के बाद अब आगरा में सांपों की बारिश हो रही है. वाइल्डलाइफ एसओएस के इमरजेंसी हेल्पलाइन (+91-9917109666) पर लगातार साँपों से जुड़े कुछ बहुत ही दिलचस्प मामलों की खबरें आ रही हैं !

घर में कोबरा देख सदमे में आए लोग.
मंगलवार की सुबह दयालबाग स्थित राधे ग्रीन्स कॉलोनी के परिवारजन अपने घर में कोबरा मिलने के बाद सदमे की स्थिति में रह गए। अत्यधिक विषैला सांप दरवाजे की चौखट के बीच फंस गया था एवं बाहर निकलने के लिए संघर्ष कर रहा था. बचाव अभियान को अंजाम देने के लिए एनजीओ की दो सदस्यीय टीम घटनास्थल पर पहुची। टीम ने यह सुनिश्चित कर की बाहर निकालने के दौरान सांप को और तनाव ना हो, सावधानीपूर्वक विषैले सांप को पकड़ा. इसके तुरंत बाद, टीम आगरा के रामबाग में एक घर के अंदर पनाह ले रहे रैट स्नेक की मदद के लिए दौड़ी. एक अन्य घटना में ग्वालियर रोड स्थित सरस्वती विहार में शौचालय के फ्लश टैंक पर चेकर्ड कीलबैक सांप बैठा मिला। वाइल्डलाइफ एसओएस टीम ने सावधानी से सांप को पकड़ा और कपड़े के बैग में ट्रांसफर कर दिया. उन्होंने अर्तोनी स्थित परफेक्ट फुटवियर कंपनी के स्टाफ किचन से कोबरा और मथुरा के चुरमुरा में गिट्टी के प्लांट से दो रैट स्नेक को भी पकड़ा. सिकंदरा में ओ.पी चेन्स ग्रुप के एंथम से एक रैट स्नेक को भी रेस्क्यू किया.

जानवर और लोगों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी
वाइल्डलाइफ एसओएस के सीईओ और सह-संस्थापक कार्तिक सत्यनारायण ने कहा, “हमारी जैसी संस्था अलग-अलग समुदायों के बीच संतुलन बनाए रखने का काम करती है, और इसका अधिकांश हिस्सा सामुदायिक भागीदारी पर निर्भर है। सहायता के समय वाइल्डलाइफ एसओएस को कॉल करने के लिए हम लोगों के बहुत आभारी हैं, जिससे हम जानवर और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।” वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स, बैजूराज एम.वी, ने कहा, “हमें प्राप्त होने वाली कॉल्स में से सबसे अधिक साँपों से जुड़ी होती हैं। ये बचाव अभियान अत्यधिक संवेदनशील होते हैं और कभी-कभी जोखिम भरे भी होते हैं, इसलिए सार्वजनिक सुरक्षा और वन्यजीवों की सुरक्षा के हित में इस तरह के संवेदनशील अभियान चलाने के लिए प्रशिक्षित बचाव दल की आवश्यकता होती है। ”