आगरालीक्स(10th August 2021 Agra News)….श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर, हरीपर्वत के ग्राउण्ड में जैन मुनिश्री ने कहा कि मंत्रों में शक्ति होती है। यह तभी होती है, जब…।
सूरज और चंद्रमा जिन बिम्ब हैं
श्री पार्श्वकथा के सातवें दिन भगवान पार्श्वनाथ के पूर्व भव आनन्द राजा का वर्णन करते हुए जैन मुनि श्री ने बताया कि प्रतिमा की पूजा, दर्शन, विधान भगवान को खुश करने के लिए नहीं, बल्कि अपनी स्वयं के उत्थान के लिए किए जाते हैं। अत: दूसरों का उपकार जरूर करो लेकिन स्वयं के लिए समय जरूर निकालो। उन्होंने कहा, मन्त्रों में जबरदस्त शक्ति होती है, परन्तु तभी, जब उनमें विश्वास हो। आज सूरज और चन्द्र्मा को लोगों ने अपने—अपने धर्म के अनुसार बांट लिये हैं। परन्तु जैन दर्शन के अनुसार दोनो में ही पूज्यनीय जिन बिम्ब हैं। अत: जैन दोनों का ही सम्मान करते हैं।
गुरु सामने हो तो सेवा करें
श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर, हरीपर्वत के ग्राउण्ड में प्रात:कालीन सभा में मुनि ने कहा कि उन्होंने कहा कि जब गुरु सामने हों तो उनकी सेवा, प्रवचन ही पूजा है। व्यक्ति को यह सीखना चाहिए कि कब किसे मुख्यता दे और किसे गौणता। आज की कथा के पुन्यार्जक नाई की मन्डी व नॉर्थ ईदगाह कॉलोनी शैली रही। पाद प्रक्षालन सुरेन्द्र बैनाडा परिवार व आरती हीरालाल बैनाडा परिवार ने किया। कार्यक्रम का मंगलाचरण राजेश बैनाडा ने किया। चित्र अनावरण निरन्जन लाल बैनाडा, निर्मल मोठ्या, अजित रांवका, प्रमोद रांवका, अनिल मोठ्या ने किया। दीप प्रज्वलन राजेश सेठी, अशोक जैन, अजय जैन, जेके जैन आदि ने किया। अतिथियों का स्वागत आगरा दिगम्बर जैन परिषद के महामन्त्री सुनील जैन ठेकेदार ने किया। मंच संचालन मनोज कुमार जैन कमलानगर ने किया। मीडिया प्रभारी शुभम जैन के मुताबिक मुनिराज जी के सानिध्य में प्रतिदिन युवक, युवतियों के लिये ध्यान एवं योग सेशन चलता है।