आगरालीक्स …आगरा की पॉश कॉलोनी की एक कोठी पर आकाशीय बिजली गिर गई, बिजली की गडगडाहट के साथ कोठी की पहली मंजिल क्षतिग्रस्त हो गई, बिजली से चल रहे उपकरण फुक गए। इससे कॉलोनी के लोग दहशत में है।
शनिवार दोपहर तीन बजे बादलों की गडगडाहट के साथ दयालबाग में बारिश हुई, इसी दौरान
खंदारी मऊ रोड स्थित पुष्प कुंज कॉलोनी की एक कोठी परपर आकाशीय बिजली गिर गई, बिजली से चल रहे उपकरणों से धुआं उठने लगा। दहशत में आए लोग घर से बाहर निकल आए।
छह अगस्त 2017 सिकंदरा सेक्टर पांच में गिरी बिजली
छह अगस्त 2017 को सिकंदरा सेक्टर 5 में मून बार के सामने बिजली की लाइन पर बिजली गिर गई, इससे खंभे टेढे हो गए और पूरे क्षेत्र की बिजली चली गई। टोरंट की टीम मरम्मत कार्य में जुटी हुई है।
2 जुलाई को गिरी बिजली
2 जुलाई 2017 को आगरा में बदलों की गडगडाहट के साथ आकाशीय बिजली गिरने से एक की मौत हो गई, मानसून की बारिश शुरू हो चुकी है, बादल घिर आए हैं और बूंदाबांदी होने लगी है।
आगरा में रविवार को बादल छाने के बाद गडगडाहट के साथ बारिश हुई, कुछ इलाकों में तेज और कई इलाकों में बूंदाबांदी हुई। जगनेर में शाम को 60 वर्षीय ओम प्रकाश खेत पर काम कर रहे थे, आकाशीय बिजली गिरने से उनकी मौत हो गई, इससे ग्रामीणों में दहशत है।
यह है आकाशीय बिजली
आसमान में बादलों का हवा के बेग से एक दूसरे से विरोधी दिशा में जाते हुए टकराना, इससे घर्षण उत्पन्न होता है, इस घर्षण से बिजली पैदा होती है और इस बिजली के लिए आसमान की बूंदों से भी प्रवाह नाकाफी रहता है तो यह प्रथ्वी पर कंडक्टर तलाशती है।
यह बिजली के खंभों के संपर्क में आती है तो वह कंडक्टर का काम करता है, लेकिन उस समय कोई व्यक्ति उसकी परिधि में आ जाता है तो बिजली उस पर गिर जाती है।
– आकाशीय बिजली का तापमान सूर्य की सतह से भी ज्यादा होता है
_ इसकी क्षमता 12 5 करोड वाट से ज्यादा चार्ज करने की होती है
_ यह बिजली मिली सेकेंड से भी कम समय के लिए ठहरती है
_ यह व्यक्ति के सिर गले और कंधों को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है
इस तरह बचें
बिजली के कडकने पर घर से बाहर ना निकलें
बिजली पैदा करने वाली चीजों जैसे रेडिएटर, फोन, धातु के पाइप आदि से दूरी बनाएं
पेड के नीचे या खुले मैदान में जाने से बचें