आगरालीक्स.. आगरा के बडे सटोरिया पर मुकदमा दर्ज होने के बाद पकडने का प्रयास ना करने पर इंस्पेक्टर और आईओ फंस गए हैं, आईजी ने एसएसपी से 15 दिन में रिपोर्ट मांगी है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कमला नगर से एक नवंबर को क्राइम ब्रांच ने राजेंद्र मंगल, सौरभ, तरुण, अंशुल अग्रवाल और संजय कुमार को गिरफ्तार किया था। न्यू आगरा थाने में मुकदमा दर्ज हुआ, इसमें आशीष उर्फ आशू और एक सरदार को फरार दिखाया गया। आशू को क्रिकेट सट्टे की बुकी का संचालक बताया गया था।
एक महीने की समीक्षा के बाद जांच
नौ नवंबर को मोहित सिंह ने विवेचना शुरू की थी। विवेचना में अज्ञात सरदार का नाम चरनजीत उर्फ रिंकू व एक अन्य अंकुश अग्रवाल का नाम प्रकाश में लाते हुए दोनों को वांछित किया गया। इसके बाद भी नौ नवंबर से नौ दिसंबर तक अभियुक्तों की गिरफ्तारी का कोई प्रयास नहीं किया गया। दोनों को न्यायालय से राहत पाने का पूरा मौका दिया गया। इनके खिलाफ न्यायालय से वारंट भी नहीं लिए गए। सचिन अग्रवाल के नाम से पुलिस ने न्यायालय से सर्च वारंट लिए, लेकिन इसके बारे में कोई विवेचना अभी तक नहीं की गई।
कोर्ट से जमानत, कागजों में दबिश
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 15 नवंबर को आशू को कोर्ट से जमानत मिल गई। इसके बाद भी विवेचना में 6 दिसंबर को उसकी और रिंकू सरदार की गिरफ्तारी को कागजी दबिश दे दी।
आइजी ए सतीश गणेश ने केस की समीक्षा के बाद एसएसपी बबलू कुमार को पत्र भेजा है। इसमें थाना प्रभारी राजेश कुमार पांडेय और विवेचक मोहित सिंह द्वारा बरती जा रही लापरवाही, शिथिलता के संबंध में प्रारंभिक जांच कराके 15 दिन में रिपोर्ट मांगी है।
कांसेप्ट फोटो