
अंतर्राष्ट्रीय पहुंच के साथ विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रम, न्यूनतम खर्च पर उपलब्ध करा रहा है। गुरुवार को श्री वाष्र्णेय डिग्री कॉलेज, अलीगढ में आयोजित प्रेसवार्ता में प्राचार्य डाॅ0 अरूण कुमार दीक्षित ने कहा कि इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (केन्द्रीय विश्वविद्यालय) की स्थापना 1985 में संसद के अधिनियम द्वारा शिक्षा से वंचित वर्गों को उच्च शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। आज इग्नू विश्व के सबसे बड़े विश्वविद्यालय के रूप में हर वर्ग के व्यक्तियों को उच्च शिक्षा प्रदान कर रहा है। इग्नू में अनुसूचित जाति (एससी) एवं अनुसूचित जनजाति (एसटी) हेतु निःशुल्क प्रवेश है।
क्षेत्रीय निदेशक, डाॅं0 अमित चतुर्वेदी ने बताया कि इग्नू अंतर्राष्ट्रीय पहुंच के साथ विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रम, न्यूनतम खर्च पर उपलब्ध कराता है। इग्नू द्वारा विभिन्न वर्गों के विद्यार्थियों के लिए 250 से अधिक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इग्नू की अध्ययन सामग्री को विद्यार्थियों की आवश्यकता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है तथा यह दूरस्थ शिक्षा से अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिए सर्वोत्तम अध्ययन सामग्री है। यही नहीं इग्नू अपने विद्यार्थियों के लिए परामर्श कक्षाओं का भी आयोजन करता है, जो रविवार तथा अवकाश के दिन तथा संन्ध्याकालीन आयोजित की जाती हैं तथा कार्यक्रमों का प्रसारण ज्ञान दर्शन, ज्ञानवाणी और वेबकास्ट के माध्यम से भी कराया जाता है। परीक्षा का आयोजन समय पर होता है और परीक्षा परिणाम भी समय पर निकलता है। विद्यार्थी अपनी सुविधानुसार इग्नू के कार्यक्रमों में प्रवेश लेकर इसे पूरा कर सकते है।
इस अवसर पर डाॅ0 चतुर्वेदी ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि क्षेत्रीय केन्द्र अलीगढ़ का मुख्य उद्देश्य इग्नू के छात्रों को उत्कृष्ट सेवा प्रदान करना है। इग्नू हमेशा से अपनी विद्यार्थी सेवा सहायता के लिए सदैव तत्पर रहा है।
जुलाई और जनवरी में होता है प्रवेश
इग्नू दो सत्रों में (जनवरी एवं जुलाई) सत्र में प्रवेश देता है जिससे वंचित छात्रों के समय का सदुपयोग होता है।
इग्नू वर्ष में दो बार सत्रांत परीक्षाएं (जून एवं दिसंबर माह में) कराता है, जिससे विद्यार्थी अपनी सुविधानुसार परीक्षा देता है।
इग्नू परीक्षा के 45 दिनों में परीक्षा परिणाम राष्ट्रीय स्तर पर घोषित करता है।
चूँकि इग्नू एक केन्द्रीय विश्वविद्यालय है जिसकी स्थापना संसद के अधिनियम द्वारा हुई है अतः इसकी डिग्रियां वैश्विक स्तर पर सभी निकायों द्वारा मान्यता प्राप्त हैं।
इग्नू अपने सभी शैक्षिक कार्यक्रमों की गुणवत्ता के लिए विश्व प्रसिद्ध रहा है। जैसे इग्नू से बी.ए. पाठ्यक्रम करने वाले विद्यार्थियों को विज्ञान, वातावरण एवं अनुप्रयोगात्मक विषयों का भी ज्ञान दिया जाता है, वहीं इग्नू से बी.एस.सी. करने वालों को मानविकी, सामाजिकी तथा अनुप्रयोगात्मक विषयों का ज्ञान दिया जाता है।
ये पाठयक्रम हो रहे संचालित
एम.ए. (फिलोसफी), एम.ए. (गांधी एण्ड पीस स्टडीज), एम.ए. (एक्सटेन्सन एण्ड डेवलपमेन्ट स्टडीज), एम.ए. (एजूकेशन), एम.ए. (एन्थ्रोपोलाॅजी), एम.ए. (जेंडर एण्ड डेवलपमेन्ट स्टडीज), मास्टर आॅफ सोशल वर्क, मास्टर आॅफ सोशल वर्क (काउन्सलिंग), एम.ए. (डिस्टेन्स एजूकेशन), एम.ए. (इकोनाॅमिक्स), एम.ए. (इंग्लिश), एम.ए. (हिंदी), एम.ए. (हिस्ट्री), एम.ए. (पाॅलिटिकल सांइस), एम.ए. (साइकोलाॅजी), एम.ए. (पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन), एम.ए. (रूरल डेवलपमेन्ट), एम.ए. (सोसियोलाॅजी), एम.ए. (टूरिज्म मैनेजमेन्ट), एम.ए. (ट्राॅंसलेशन स्टडीज), मास्टर आॅफ काॅमर्स (एम.काॅम.), मास्टर आॅफ कंप्यूटर ंएप्लीकेशन (एम.सी.ए.), मास्टर आॅफ लाइब्रेरी एण्ड इन्फाॅर्मेशन साइंस (एम.एल.आई.एस.), एम.एस.सी. (डाइटिटिक्स एण्ड फूड सर्विसेज मैनेजमेंट), एम.एस.सी. मैथमैटिक्स विद एप्लीकेशन्स इन कंप्यूटर साइंस (एम.एस.सी.एम.ए.सी.एस.) में जुलाई, 2016 सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।
डाॅ अमित चतुर्वेदी ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय स्नातक कार्यक्रमों जैसे बैचलर आॅफ साइंस (बी.एस.सी.), (विद मेजर इन फिजिक्स, कैमेस्ट्री, मैथमैटिक्स, बाॅटनी एण्ड जूलाॅजी), बैचलर आॅफ आर्ट (बी.ए.), (विद मेजर इन हिन्दी, इंग्लिश, उर्दू, इकोनाॅमिक्स, हिस्ट्री, मैथमैटिक्स, फिलाॅसफी, साइकोलाॅजी, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, पाॅलिटिकल साइंस, सोसियोलाॅजी), बी.ए. (टूरिज्म स्टडीज), बैचलर आॅफ काॅमर्स (बी. काॅम.), बैचलर आॅफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (बी.सी.ए.), बैचलर आॅफ लाइब्रेरी एण्ड इन्फार्मेशन साइंस (बी.एल.आई.एस.), बैचलर आॅफ सोशल वर्क (बी.एस.डब्ल्यू.), बैचलर प्रिपरेटरी प्रोग्राम (बी.पी.पी.)(इग्नू के चुनिन्दा कार्यक्रमों में प्रवेश हेतु प्रिपरेशन) में भी प्रवेश दे रहा है।
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