आगरालीक्स… आगरा में लोगों को गले में खरास और खांसी की समस्या हो रही है, यह प्रदूषण बढने से हो रहा है, आगरा देश के प्रदूषित शहरों में चौथे नंबर पर है। गुरुवार को आगरा का वायु गुणवत्ता सूचकांक एक्यूआई 231 रहा, इसका सामान्य स्तर 50 होना चाहिए।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) पिछले 24 घंटों के अंतराल पर देश के प्रदूषित शहरों की सूची जारी करता है। ऑटोमेटिक मॉनीटरिंग स्टेशन के आंकड़ों के आधार पर यह सूची जारी होती है। संजय प्लेस स्टेशन के आंकड़ों के आधार पर गुरुवार को देश के प्रदूषित शहरों में आगरा चौथे स्थान पर रहा। यहां सीपीसीबी की गाइडलाइन के अनुसार एक्यूआइ खराब (पुअर) स्थिति में रहा। इस स्थिति में अधिक समय तक रहने पर अधिकांश लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। इसकी वजह यहां दो दिन से आसमान में बादल छाना और आंधी को माना जा रहा है। इससे वातावरण में धूल कणों की मात्र बढ़ गई है। वायु प्रदूषण के लिए धूल कण (पीएम10) और अति सूक्ष्म कण (पीएम2.5) जिम्मेदार हैं।
धूल कण हो रहे घातक, पीएम 2. 5 में आए कमी
नेशनल क्लीन एयर प्लान के अनुसार यहां वर्ष 2024 तक पीएम2.5 के स्तर में 25 फीसद की कमी की जानी है। पीएम 2.5 यहां मानक के दो से तीन गुने के बीच रहता है। आगरा देश के उन 102 शहरों में शामिल है, जिनमें वायु गुणवत्ता सुधार को नेशनल ग्रीन टिब्यूनल ने आदेश किया है।
आगरा में 500 तक पहुंच चुका है एक्यूआई
आगरा में एक साल पहले जनवरी 2018 में एक्यूआई 500 तक पहुंच चुका है, यह कई दिनों तक 400 तक बना रहा था।
फाइल फोटो