आगरालीक्स (12th October 2021 Agra News)… 90 साल पुराना माता का मंदिर आज भी कर रहा चमत्कार. माता के नौ स्वरूप यहां कर रहे हर भक्त की मुराद पूरी. दूर—दूर से आते श्रद्धालु.
यमुना किनारा स्थित है मंदिर
यमुना किनारा के हाथी घाट स्थित नवदुर्गा कामाच्छा देवी मंदिर में भक्तों की अपार श्रद्धा है। मान्यता है कि यहां शीश झुकाने भर से ही भक्तों की झोली भर जाती है। मैया से जो भी भक्त सच्चे मन से मुराद मांगता है, मैया उसे निराश नहीं करतीं। इससे भक्तों का विश्वास और गहरा हो जाता है। शायद यही कारण है कि दूर—दूर से भक्त माता के दर्शन को आते हैं।
90 साल पुराना है मंदिर
मंदिर के महंत अमित शर्मा भगत बताते हैं कि यह मंदिर 90 वर्ष पुराना है। मान्यता यह है कि मैया की पिंडी यहां स्वयं प्रकट हुई थीं। इसके बाद उनके दादा पंडित रमनलाल भगत को माता रानी ने सपने में दर्शन दिए। कहा कि इस स्थान पर मेरी प्रतिमा है। सपने को सच मानकर भगत जी वहां पर आए और माता की पिंडी के दर्शन किए। तब यहां आसपास घना जंगल था। उन्होंने मंदिर की स्थापना की। धीरे—धीरे मैया भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करने लगी।

मंदिर पर भक्तों का तांता लगता है
महंत अमित शर्मा ने बताया कि मंदिर में आगरा ही नहीं, बल्कि मथुरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, मैनपुरी, इटावा, कानपुर, फरीदाबाद, दिल्ली, भोपाल समेत अन्य शहरों से भक्त माता के दर्शन को आते हैं। नवरात्रि में यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।

पहला मंदिर यहां माता के नौ स्वरूप
उन्होंने बताया कि आगरा मंडल में यह पहला मंदिर है, जहां पर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के दर्शन होते हैं। नवरात्रों में मैया का विशेष श्रृंगार और हवन किया जाता है। अखंड ज्योत सालों से जल रही है।
नवरात्रि में हर दिन चलता है भंडारा
मंदिर से जुड़े संजू बंसल ने बताया कि नवरात्रि में हर दिन यहां भंडारा चलता है। वह पिछले 15 सालों से मंदिर में नवरात्रि के हर दिन माता के दर्शन को आते हैं। उन्होंने बताया कि इस बार मंदिर में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। मंदिर प्रांगण में नवरात्रि में नौ दिन होने वाले भंडारे और छप्पन भोग व जागरण के कार्यक्रम इस बार नहीं किए जा रहे हैं।
तीन दिन होती है विशेष पूजा
मंदिर के महंत अमित शर्मा ने बताया कि सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिन यहां विशेष पूजा की जाती है।