आगरालीक्स…आगरा के शांतिवेद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में प्रथम डायलिसिस CRRT हैंड्स-ऑन पर हुई वर्कशॉप, जानिए किन मरीजों के लिए कारगर हैये थेरेपी…ICU मरीजों की देखभाल में एक नई पहल
शांतिवेद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, आगरा में गुरुवार को प्रथम CRRT (कंटिन्युअस रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी) पर एक हैंड्स-ऑन वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस विशेष प्रशिक्षण सत्र का उद्देश्य, आईसीयू में भर्ती गंभीर रूप से बीमार मरीजों की बेहतर देखभाल हेतु डायलिसिस टेक्नीशियनों और अन्य चिकित्सकीय स्टाफ को प्रशिक्षित करना रहा। इस वर्कशॉप का संचालन डॉ. श्वेतांक प्रकाश (जनरल एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जन), डॉ. दीप्तिमाला अग्रवाल (MICU Head) एवं डॉ. समृद्धि गुप्ता (नेफ्रोलॉजिस्ट) द्वारा किया गया।CRRT एक अत्याधुनिक और धीमी गति से की जाने वाली डायलिसिस प्रक्रिया है, जो उन मरीजों के लिए जीवनरक्षक सिद्ध होती है, जो मल्टीपल ब्लड प्रेशर सपोर्ट पर होते हैं और जिनमें एक्यूट किडनी इंजरी (AKI) पाई जाती है। CRRT (कंटिन्युअस रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी) किन मरीजों के लिए उपयोगी है? CRRT उन गंभीर मरीजों के लिए विशेष रूप से प्रभावी होती है जो आईसीयू में भर्ती होते हैं और जिनकी स्थिति अत्यंत नाजुक होती है। यह थेरेपी निम्नलिखित स्थितियों में अत्यंत लाभकारी सिद्ध होती है:
जिन मरीजों के शरीर में ज़हर (Toxins) फैल गया हो — जैसे कि जहर निगलने, दवा के ओवरडोज़, या किसी विषैली स्थिति में। CRRT शरीर से इन विषैले तत्वों को धीरे-धीरे और सुरक्षित रूप से बाहर निकालती है।
लीवर फेल्योर (Liver Failure) के मरीज, जिनके शरीर में टॉक्सिन्स जमा हो जाते हैं और शरीर उन्हें स्वाभाविक रूप से बाहर नहीं निकाल पाता — CRRT ऐसे मामलों में एक सहायक जीवनरक्षक तकनीक बन जाती है।
जिन मरीजों के शरीर में कार्बन डाइऑक्साइड या अन्य गैसों का असंतुलन हो, CRRT उनके रक्त की सफाई (Blood Purification) और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद करती है।