आगरालीक्स…आगरा में एलपीजी का विकल्प बनेगी गोबर गैस (बायोगैस). गौ संरक्षण केंद्रों पर गोबर गैस संयंत्र के साथ कम्युनिटी किचेन स्थापित होगी. पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने गौ संरक्षण केंद्रों की समीक्षा…
मंत्री पशुधन एवं दुग्ध विकास तथा राजनैतिक पेंशन विभाग धर्मपाल सिंह ने गुरुवार को सर्किट हाउस में पशुपालन विभाग तथा निराश्रित गौवंश संरक्षण की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम ने बैठक में निर्देशित किया कि 100 से कम गोवंश संरक्षण केंद्रों से संरक्षित गौ वंश को स्थानांतरित कर प्रत्येक वृहद गों संरक्षण केन्द्र में न्यूनतम 400 गोवंश संरक्षित कर उसकी पूरी क्षमता उपयोग किया जाये एवं ऐसे सभी बृहद गौ संरक्षण केंद्रों पर गोबर गैस संयंत्र स्थापित किए जाएं तथा उनके साथ कम्युनिटी किचेन स्थापित किया जाए जिसमें कम्युनिटी किचेन का संचालन बायोगैस से कर के आमजन को भंडारे, शादी विवाह आदि में पकी खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाए जिससे गौ संरक्षण केंद्रों की आय में भी वृद्धि होगी तथा एलपीजी सिलेंडर पर निर्भरता घटेगी उन्होंने बताया कि जल्द ही व्यक्तिगत गोबर गैस प्लांट स्थापित करने हेतु राज्य सरकार द्वारा कुल लागत का 50 प्रतिशत सब्सिडी देने का प्रस्ताव लाया जा रहा है, व्यक्तिगत गोबर गैस प्लांट लगाने बालों को सरकार प्रोत्साहित करेगी।गौ आश्रय स्थलों को भूसा दान करने की अपील
बैठक में निर्देश दिए कि स्थानीय किसानों से अनुबन्ध कर, निराश्रित गौवंश स्थलों हेतु वर्ष भर हरे चारे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये,जिससे संरक्षित गोवंशों को वर्ष भर हरा चारा सुनिश्चित किया जा सके तथा किसानों की भी नियमित आय होगी। बैठक में भूसा-दान महा अभियान एक विशेष पहल की समीक्षा की गई, जिसमें बताया गया कि उक्त पहल का उद्देश्य गौशालाओं में रहने वाले बेसहारा निराश्रित गौवंश के लिए समाज के माध्यम से भूसे की व्यवस्था करना है, बैठक में मंत्री द्वारा जनपद के जनप्रतिनिधियों से भूसा दान करने की अपील की गई। इस पर जनप्रतिनिधियों ने 100-100 क्विंटल भूसा गौशालाओं में रहने वाले बेसहारा गौवंश के लिए दान करने की बात कही। एमएलसी विजय शिवहरे ने 200 क्विंटल भूसा, निराश्रित गौवंश हेतु दान करने की बात कही।
बैठक में मंत्री ने बताया कि स्थानीय गो आश्रय स्थलों से 04 गोवंश तक स्वदेशी नस्ल के गोवंश की सुपुर्दगी करायी जाये उन्होंने बताया कि 04 गौ वंश पालने पर 06 हजार रुपए प्रतिमाह प्रदान किए जाएंगे तथा पशु शेड की भी व्यवस्था की जाएगी। बैठक में सीडीओ को निर्देशित किया कि वह गो आश्रय स्थलों पर जीवामृत,धनबीजामृत, एवं वर्मीकम्पोस्ट तथा गोबर से लकड़ी बनाने वाली मशीनों के माध्यम से गाय के गोबर से बने गो-काष्ठ या लकड़ी तैयार कराई जाएं, जो पारंपरिक उपलों का एक आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प बनेगी इसका उपयोग मुख्य रूप से दाह संस्कार (शवदाह), हवन, पूजा-पाठ और चूल्हे में ईंधन के रूप में किया जा सकता है। एन०जी०ओ० द्वारा गोबर, गोमूत्र से तैयार उत्पादों के बिक्री से आर्थिक स्वालम्बन सुनिश्चित किया जाय। लिंक गोचर भूमि पर अवैध कब्जा मुक्त कर अधिक से अधिक मोरिन्गा, नेपियर घास की रोपाई की जाए।
बैठक में समस्त बीडीओ को सभी ब्लॉकों में मौसम विज्ञान केंद्र खोलने, पशुपालक, किसान,आमजन को सटीक मौसम संबंधी जानकारी मुहैया कराने, निराश्रित गौवंश को गौ संरक्षण केंद्रों में पहुंचाने, बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों के बच्चों को गौशाला भ्रमण कराने, मृत गौवंश का गरिमापूर्ण शवाधान करने सभी बीडीओ, सीवीओ, डिप्टी सीवीओ, पशु चिकित्सा अधिकारी आदि को निरीक्षण करने तथा गौवंश का उचित संरक्षण, साफ सफाई, चिकित्सा, आदि का प्रबंध करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी मनीष बंसल जी, सीडीओ प्रतिभा सिंह, एडीएम वित्त व राजस्व शुभांगी शुक्ला, एडीएम प्रशासन आजाद भगत सिंह,नगरायुक्त संतोष कुमार वैश्य, सीएमओ डॉ.अरुण कुमार श्रीवास्तव, अपर निदेशक पशुपालन डॉ देवेंद्र पाल, सीवीओ डॉ.डीके पांडे सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।