आगरालीक्स…आगरा सहित ब्रज के उत्पादों को उच्च गुणवत्ता के साथ इंटरनेशनल मार्केट में पहुंचाया जाएगा. यूपी को औद्योगिक औद्योगिक प्रदेश बनाने के लिए उद्यमी तैयार”
लघु उद्योग भारती, ब्रज संभाग के 12 जिलों के उद्यमियों ने आज अलीगढ़ में आयोजित बैठक में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। बैठक में आगरा उद्यमियों के साथ, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, फिरोजाबाद, एटा, कासगंज, मैनपुरी, बरेली, पीलीभीत, बदायूं, शाहजहांपुर के पदाधिकारी एवं उद्यमी उपस्थित रहे। लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय सचिव दीपक अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश महामंत्री अमित अग्रवाल, मुरादाबाद से संयुक्त महामंत्री *गौरव मित्तल, अलीगढ़ से एवं प्रदेश सचिव मनीष अग्रवाल, आगरा की प्रमुख उपस्थिति रही। बैठक का आयोजन ब्रज संभाग अध्यक्ष राकेश अग्रवाल, शाहजहांपुर एवं महामंत्री अमलेन्दु शर्मा, कासगंज के नेतृत्व में हुआ। संचालन अमलेन्दु शर्मा ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन अलीगढ़ जिला अध्यक्ष योगेश गोस्वामी ने किया।बैठक की मुख्य बातें:
उद्यमियों की आवाज: सभी जिलों से आए पदाधिकारियों ने अपने जिलों के औद्योगिक विकास, चुनौतियों और संभावनाओं पर विचार रखे। इंडस्ट्रियल स्टेट व लैंड बैंक की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।
प्रदूषण नियम सरल हों: संयुक्त महामंत्री गौरव मित्तल ने कहा - "उद्योगों से कभी प्रदूषण नहीं होता। केंद्र व प्रदेश सरकार से अपेक्षा है कि प्रदूषण विभाग अपने नियम सरल करे ताकि उद्यमी उत्तर प्रदेश को औद्योगिक प्रदेश बनाने में योगदान दे सकें।"
MSME रीढ़ की हड्डी: राष्ट्रीय सचिव दीपक अग्रवाल ने कहा - "लघु उद्योग भारत के आर्थिक विकास की रीढ़ हैं। माइक्रो-लघु उद्यमों को केंद्र-प्रदेश सरकार का सहयोग मिल रहा है, अब विभागीय अधिकारियों को योजनाएं धरातल पर उतारनी होंगी। राष्ट्रहित व उद्योग हित के मंत्र के साथ भारतीय उत्पाद अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में धमक बना रहे हैं। सरकार को टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन पर विशेष सहयोग देना होगा।"
संगठन का विस्तार: प्रदेश महामंत्री अमित अग्रवाल ने बताया - "लघु उद्योग भारती उत्तर प्रदेश के 65+ जिलों में सक्रिय है। 10,000+ सदस्य हैं। संपर्क, संवाद, समन्वय के माध्यम से हम सरकार, अधिकारी व उद्यमियों के बीच सेतु का काम कर रहे हैं।"
कार्यक्रम में प्रदेश सचिव मनीष अग्रवाल ने कहा - "उत्तर प्रदेश में 96 लाख से अधिक रजिस्टर्ड MSME हैं और साढ़े चार करोड़ लोग सीधे रूप से इस क्षेत्र से रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश को आर्थिक महाशक्ति बनाने के लिए हमें अपने औद्योगिक लक्ष्यों को तय करना होगा और नई तकनीकों के साथ सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाना होगा। सभी जिलों के पदाधिकारियों को जिला उद्योग बंधु की बैठक में नियमित सहभागिता कर स्थानीय व नीतिगत समस्याओं को प्रमुखता से उठाना चाहिए, ताकि शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित हो और समस्याओं का त्वरित समाधान मिल सके।"
कार्यक्रम चार सत्रों में आयोजित हुआ। इसमें नवनीत अग्रवाल, सुबोध मित्तल, संभव शील, अंशुमान अग्रवाल, नीरज अग्रवाल, आशुतोष, विजय गुप्ता, राजीव बंसल, अरविंद शुक्ला, दिनेश गुप्ता, संजीव जैन सहित प्रमुख उद्यमी उपस्थित रहे।