आगरालीक्स…Agra News: आगरा के डीपीएस के 10 वीं के छात्र पर मुकदमा लिखने पर तीन पुलिस कर्मी निलंबित, जिसके खिलाफ मुकदमा लिखा उस पर साथी छात्र के पंच मारकर दांत और जबड़ा तोड़ने के आरोप। मुकदमा रद, जानें पूरा मामला ( Agra Live News: FIR Lodged against DPS Agra 10th Student, Three Police person suspend )
आगरा के डीपीएस स्कूल के 10 वीं के छात्रों में 25 अप्रैल को सुबह सात बजे मारपीट हो गई थी। आरोप है कि एक छात्र ने पंच से दूसरे 10 वीं के छात्र की पिटाई की, इससे उसके तीन दांत टूट गए और जबड़े में फ्रैक्चर हो गया, घायल छात्र के पिता मोबाइल कारोबारी में इस पूरे मामले में स्कूल प्रशासन पर प्राथमिक उपचार ना दिलाने के आरोप लगाए थे और बेटे को पंच मारकर दांत तोड़ने वाले छात्र के खिलाफ थाना सिकंदरा में तहरीर दी थी। छात्र अस्पताल में भर्ती है।
जेजे एक्ट से अनजान रहकर नाबालिग छात्र के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा
इस मामले में मंगलवार रात को घायल के पिता की तहरीर पर पुलिस ने इस मामले में डीएम और पुलिस आयुक्त से भी पीड़ित के पिता ने शिकायत की थी। जुवेनाइल जस्टिस एक्ट यानी जेजे एक्ट के तहत जिन मामलों में सात साल से कम की सजा का प्रावधान है ऐसे मामलों में नाबालिग के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने से पहले किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। किशोर न्याय बोर्ड के आदेश पर ही पुलिस आगे की कार्रवाई करती है। डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास ने सिकंदरा थाना पुलिस को निर्देश दिए थे कि किशोर न्याय बोर्ड के आदेश के बाद आगे की कार्रवाई की जाए। सिकंदरा इंस्पेक्टर प्रदीप त्रिपाठी ने घटना की जीडी एंट्री करने के लिए पीड़ित द्वारा दी गई तहरीर मुंशी को दे दी। मुंशी ने तहरीर के आधार पर सीधे मुकदमा दर्ज कर लिया, मंगलवार को मुकदमा दर्ज होने की जानकारी पुलिस अधिकारियों को हुई।
तीन पुलिस कर्मी निलंबित, इंस्पेक्टर के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश
जेजे एक्ट के आदेश के बिना नाबालिग पर मुकदमा दर्ज कर लापरवाही के आरोप में डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास ने सिकंदरा थाने के नाइट इंचार्ज दरोगा मानपाल, आरक्षी मुंशी सनी धामा और कमल चंदेल को निलंबित कर दिया है। इंस्पेक्टर सिकंदरा प्रदीप त्रिपाठी के खिलाफ पुलिस आयुक्त दीपक कुमार को रिपोर्ट भेजी है। मुकदमा रद कर दिया गया है।
किशोर न्याय बोर्ड के समझ पेश हुआ आरोपित छात्र
जिस छात्र पर मारपीट करने के आरोप लगे हैं वह छात्र किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश हुआ, बोर्ड ने छात्र से बात की, उसके साथ परिजन भी आए थे, उन्होंने भी अपना पक्ष रखा। बोर्ड ने अपना फैसला सुरक्षित रखा है।
डीपीएस के प्रधानाचार्य को एक मई को पेश होने का आदेश
छात्र के साथ मारपीट के मामले में बाल कल्याण समिति ने भी संज्ञान लिया है। इस मामले में समिति ने डीपीएस के प्रधानाचार्य को नोटिस दिया है कि वे एक मई को प्रस्तुत होकर अपना पक्ष रखें। वहीं, स्कूल प्रबंधन का मीडिया से कहना है कि मामला किशोर न्पाय बोर्ड और पुलिस के पास है, उन्हें ही निर्णय लेना है। प्रबंधन की ओर से अपना पक्ष रखा जाएगा।