आगरालीक्स…आगरा के एक साथ निकली सातों शिवालयों मनकामेश्वर, कैलाश, बल्केश्वर, राजेश्वर, पृथ्वीनाथ, रावली और वनखंडी महादेव की पालकियां….251 कलशों की यात्रा के साथ शिव महापुराण कथा शुरू
अधिक मास के पावन अवसर पर आगरा सोमवार को शिवमय हो उठा, जब पहली बार शहर के सात प्रमुख शिवालयों की दिव्य पालकियां एक साथ भव्य कलश यात्रा में शामिल हुईं। शिव परिवार संस्था द्वारा आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के शुभारंभ पर निकली इस यात्रा ने पूरे शहर में भक्तिमय वातावरण का संचार कर दिया। श्रद्धालुओं के जयघोष, पुष्पवर्षा, नासिक बैंड और द्वादश ज्योतिर्लिंगों की झांकियों के बीच यात्रा आकर्षण का केंद्र रही। प्रातः चिंताहरण मंदिर, जयपुर हाउस से आरंभ हुई भव्य कलश यात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई कथा स्थल महाराजा अग्रसेन भवन, लोहा मंडी पहुंची। यात्रा में 251 महिलाओं ने दक्षिण भारतीय पारंपरिक परिधान धारण कर सिर पर स्वर्ण कलश रखे। मार्गभर श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा होती रही और शिवभक्तों ने हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण गुंजायमान कर दिया।
यात्रा का मुख्य आकर्षण आगरा के सप्त प्रमुख शिवालयों — श्री मनकामेश्वर नाथ महादेव, राजेश्वर नाथ महादेव, रावली महादेव, पृथ्वीनाथ महादेव, कैलाश महादेव, वानखंडी महादेव एवं बल्केश्वर नाथ महादेव की पालकी झांकियां रहीं। श्रद्धालुओं ने एक ही स्थल पर सप्त शिवालयों के दर्शन कर स्वयं को धन्य माना। साथ ही द्वादश ज्योतिर्लिंग की झांकी भी विशेष रही।
मुख्य यजमान छोटेलाल बंसल एवं कांता बंसल ने बताया कि 23 मई तक महाराजा अग्रसेन भवन, लोहा मंडी में प्रतिदिन सायं 5 बजे से श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन होगा। कथा में याज्ञिकरत्न पंडित विष्णुकांत शास्त्री आचार्यत्व निभा रहे हैं, जबकि कथा व्यास मृदुल कांत शास्त्री शिव महिमा का रसपान करा रहे हैं। कथा व्यास मृदुल कांत शास्त्री ने बताया कि अधिक मास के शुभ अवसर पर सात दिवसीय कथा के दौरान पूरे वर्ष के प्रमुख पर्व और उत्सव कथा प्रसंगों के साथ मनाए जाएंगे। प्रतिदिन दो से तीन विशेष धार्मिक उत्सव भी ठाकुर जी के चरणों में समर्पित होंगे। कथा के प्रथम दिन उन्होंने शिव पुराण का महत्व बताते हुए भक्तों को शिव भक्ति का संदेश दिया। सोमवार को कथा में नारद मोह, कुबेर चरित्र और सती जन्म प्रसंग का वर्णन किया गया।संस्था सदस्य अखिल मोहन मित्तल ने बताया कि सोमवार को कथा स्थल पर प्रातः 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक 201 रुद्राभिषेक संपन्न हुए। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को कथा स्थल पर सप्त शिवालयों के दर्शन कराने की व्यवस्था की गई है। संस्था सदस्य नीरज अग्रवाल ने बताया कि 21 मई को सुबह 10 बजे गोपाल सहस्त्रनाम पाठ एवं तुलसी अर्चन होगा। 23 मई को कथा विश्राम उपरांत हवन, ब्रह्मभोज एवं प्रसादी वितरण किया जाएगा।