आगरालीक्स…’भक्ति को गुप्त धन की तरह रखें’, आगरा के राधाकृष्ण मंदिर लॉयर्स कॉलोनी में चल रही भागवत कथा में अंतिम दिन आचार्य नरोत्तम शास्त्री का संदेश
लॉयर्स कॉलोनी स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिवस श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं और भक्ति रस में सराबोर हो गए। कथा व्यास आचार्य श्री नरोत्तम शास्त्री जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन, उनकी लीलाओं तथा सच्ची भक्ति के स्वरूप का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान महाराज श्री ने सत्यभामा एवं सत्राजित प्रसंग, स्यमंतक मणि की कथा तथा भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न विवाह प्रसंगों का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि भगवान की प्रत्येक लीला लोककल्याण और धर्म स्थापना का संदेश देती है।अपने प्रवचन में आचार्य श्री ने गृहस्थ जीवन में धैर्य, क्रोध पर नियंत्रण तथा पारिवारिक संबंधों में सामंजस्य बनाए रखने के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि व्यक्ति यदि अपने व्यवहार में संयम और सद्भाव रखे तो परिवार एवं समाज दोनों सुखी और समृद्ध बन सकते हैं।
कथा का सबसे भावुक प्रसंग श्रीकृष्ण और सुदामा की दिव्य मित्रता का रहा। इस अवसर पर आचार्य श्री ने सुदामा चरित्र के माध्यम से सच्ची भक्ति और निष्काम प्रेम का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि सच्चा भक्त अपनी भक्ति का प्रदर्शन नहीं करता। भक्ति धन के समान है, जिसे जितना गुप्त रखा जाए, उतना ही उसका मूल्य बढ़ता है। महाराज श्री ने कहा कि आज के समय में अनेक लोग धार्मिक स्थलों पर जाकर भक्ति का प्रदर्शन करते हैं, जबकि सुदामा जैसे भक्त अपने और भगवान के प्रेम संबंध को सदैव गोपनीय रखते थे। सच्ची भक्ति बाहरी आडंबर में नहीं, बल्कि अंतर्मन के समर्पण और निष्कपट प्रेम में निहित होती है।
कथा में दान और सेवा के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई। आचार्य श्री ने बताया कि दान सदैव निष्काम भाव से किया जाना चाहिए और समाज सेवा ही मानव जीवन का सर्वोच्च धर्म है।
इस अवसर पर भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री एस.पी. सिंह बघेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विधिवत श्रीमद्भागवत महापुराण का पूजन कर कथा का श्रवण किया तथा आयोजन की सराहना की। साथ ही एत्माद्पुर से विधायक धर्मपाल सिंह और कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामनाथ सिकरवार के साथ शमशाबाद से अशोक दीक्षित ने भी कथा श्रवण का आनंद लिया.कार्यक्रम के अंत में आरती एवं भजन संध्या का आयोजन हुआ। कथा के सफल आयोजन के लिए आयोजक सीए अशोक दीक्षित एवं श्रीमती आस्था दीक्षित तथा समस्त श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कथा पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।