आगरालीक्स…आगरा में कुत्ते के काटने से रैबीज से बच्चे की मौत के बाद दौड़ी स्वास्थ्य विभाग की टीम. 32 लोगों को लगाई गई वैक्सीन..कुत्ते के काटने पर क्या करें और क्या हैं लक्षण आदि सभी जानकारी जानें
आगरा के पिनाहट के अतैयरपुरा गांव के रहने वाले कुमर सिंह का छह साल का बेटा अनिस उर्फ छोटू नर्सरी का छात्र था। स्कूल की छुटटी चल रहीं थी, नौ जनवरी को अनिस घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान कुत्ते ने सिर और चेहरे पर काट लिया। अनिस के ज्यादा घाव होने पर परिजन सीएचसी लेकर पहुंचे, सीएचसी पर अनिस के रेबीज की दो डोज लगी थी।26 जनवरी को बिगड़ी तबीयत, मुंह से टपकने लगी थी लार
अनिस की 26 जनवरी को तबीयत बिगड़ने पर परिजन एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने रेबीज की आशंका पर सफदरजंग हॉस्पिटल, दिल्ली रेफर कर दिया। परिजनों के अनुसार, अनिस के मुंह से लार टपकने लगी थी, अलग तरह की हरकत करने लगा था। एक फरवरी की सुबह अनिस की मौत हो गई।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 32 लोगों के लगाई वैक्सीन
बच्चे की मौत के बाद चिकित्सा अधीक्षक पिनाहट डॉ प्रमोद कुशवाहा के नेतृत्व मे गांव में मेडिकल टीम द्वारा हेल्थ कैंप लगाया गया। मृत बालक छोटू के निकट संपर्क में रहे तथा आस पड़ोस के 32 ग्रामवासियों को एहतियात के अंतर्गत एआरवी वैक्सीन की डोज़ लगायी गयी, ग्राम वासियो को रेबीज के लक्षण बताये गए और किसी कुत्ते, बंदर या जंगली जानवर के काटने पर एआरवी की सभी डोज लगवाने की सलाह दी गई। मृत बालक छोटू को एआरवी की 3 डोज लगी थी. मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अरुण श्रीवास्तव ने बताया की गंभीर रूप से या सिर पर कुत्ता काटे, बंदर काटे या जंगली जानवर से काटे गए बच्चे तथा व्यक्तियों को इम्यूनोग्लोबिन की डोज दी जानी चाहिए। सभी सीएचसी तथा जिला अस्पताल पर इम्यूनोग्लोबिन उपलब्ध है।
कुत्ते के काटने पर उस हिस्से को अच्छी तरह से साफ करने के बाद तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। कुत्ते के काटने से ज्यादा घाव होने पर एंटी रेबीज वैक्सीन के बवाय इम्यूनोग्लोबिन लगाए जाते हैं, घाव का भी इलाज किया जाता है। इसमें लापरवाही बरतने पर जान जा सकती है।
कुत्ते काटने के लगातार बढ़ रहे मामले
शहर और देहात में कुत्ते काटने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल में हर रोज 300 से अधिक मरीज एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंचते हैं ग्रामीण क्षेत्र के सीएचसी पर भी बड़ी संख्या में लोग एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाते हैं। वहीं, निजी अस्पतालों में भी कुत्ता काटने पर लोग वैक्सीन लगवा रहे हैं।
कुत्ते के काटने पर ये करें
कुत्ते के काटने पर खून निकल आया है तो उस हिस्से को साफ पानी से साफ कर दें, मिर्च और हल्दी ना लगाएं
अस्पताल लेकर जाएं, एंटी रेबीज और इम्यूनोग्लोबिन का पूरा कोर्स लगवाएं
कुत्ते पर नजर रखें, कुत्ता मर जाता है तो उसे रेबीज होने की आशंका होती है ऐसे में इलाज में कोई लापवारही ना बरतें
कुत्ते में ये लक्षण होने पर पशु चिकित्सक को सूचना दें
जिस कुत्ते को रेबीज है उसके काटने से ही रेबीज फैलता है
रेबीज से पीड़ित कुत्ते के मुंह से लार टपकती है, अजीब हरकत करता है, पूंछ झुकी रहती है, पशु चिकित्सक को सूचना दें जिससे कुत्ते को रेबीज है तो उसे वहां से हटाया जा सके।