आगरालीक्स ( 27th January 2026) …. वीडियो देखें आगरा में आफिस में एचआर मैनेजर की ब्वाय फ्रेंड ने हत्या करने के बाद सिर क्यों काटा। रौंगटे खड़े करने वाले हत्याकांड के 8 घंटें।
आगरा के पार्वती विहार टेढ़ी बगिया की रहने वाली 25 साल की मिंकी शर्मा मेरठ की दिविशा टेक्नोलॉजी में एचआर मैनेजर थी, इसी कंपनी में ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी विनय राजपूत अकाउंटेंट थे। कंपनी का कार्यालय संजय प्लेस प्लेस स्थित मारुति प्लाजा में छठवीं मंजिल पर है। कार्यालय में इन दोनों के साथ एक चपरासी काम करता था। 23 जनवरी को विनय ने मिंकी शर्मा को आफिस बुलाया और उसकी हत्या कर दी, शव को काली पॉलिथिन में पैक कर स्कूटी से लेकर यमुना में फेंकने निकला लेकिन यमुना पर वाटरवक्र्स से रामबाग की तरफ जाने वाले जवाहरपुल पर ही छोड़ कर भाग गया था, 24 जनवरी की सुबह चार बजे पुलिस को बोरे में शव मिला। पुलिस ने 100 सीसीटीवी की जांच की, इसके आधार पर विनय राजपूत को मिंकी शर्मा की हत्या के आरोप में अरेस्ट कर लिया।
आफिस के रौंगटे खड़े करने वाले वो 8 घंटे
पुलिस पूछताछ और मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मिंकी शर्मा तीन बहन और एक भाई है, भाई दीपक की फरवरी में शादी थी, मिंकी शर्मा शादी के कार्ड कोरियर करने के लिए 23 जनवरी की शाम को संजय प्लेस पहुंची, उसने विनय को फोन किया विनय ने उसे अपने आफिस बुला लिया। मिंकी के आने से पहले ही वह चपरासी को घर भेज चुका था और कोई सुबूत ना रहे इसके लिए सीसीटीवी के तार भी काट दिए थे। 23 जनवरी की शाम चार बजे मिंकी शर्मा दिविशा टेक्नोलाजी के आफिस पहुंची, आफिस में विनय राजपूत अकेला था। यहां दोनों के बीच बात हुई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शॉपिंग के लिए मिंकी ने विनय से कुछ पैसे भी मांगे, इसी दौरान मिंकी के किसी अन्य युवक के साथ बात करने और रात में फोन पर विजी रहने की मामला तूल पकड़ता गया और विवाद बढ़ गया इसी दौरान विनय ने नारियल काटने वाले चाकू से मिंकी की हत्या कर दी। हत्या करने के बाद सुबूत मिटाने के लिए सोचने लगा, उसने टीवी सीरियल की तरह से सुबूत मिटाने की प्लानिंग की। आफिस को अंदर से बंद कर दिया। मिंकी शर्मा का सिर धड़ से अलग कर दिया जिससे सिर किसी दूसरी जगह पर फेंक दे और पहचान ना हो सके। दूसरी पहचान कपड़ों से होती है तो उसके शव पर कोई कपड़ा नहीं रहने दिया, उसने कपड़े और हत्या में इस्तेमाल किए चाकू को एक अलग बैग में रख लिया। काले रंग की प्लाटिक की थैली जिसमें मेडिकल वेस्ट रखते हैं उसमें धड़ रखने की कोशिश की लेकिन पैर के कारण शव अंदर नहीं जा रहा था तो दोनों पैर को काटने की कोशिश की, पैर मोड़ कर बैग में शव रख दिया। । इसके बाद एक थैली में सिर रख लिया और दूसरी थैली में धड़ और पैर। मिंकी शर्मा शाम चार बजे आई थी, रात आठ बजे जब पूरी बिल्डिंग खाली हो गई थी शव को ठिकाने लगाने के लिए निकला।

लिफ्ट से शव को नीचे लेकर पहुंचा, स्कूटी से शव को ठिकाने लगाने के लिए गया
23 जनवरी की रात 12 बजे वह शव को मारूति प्लाजा की छठवीं मंजिल स्थित आफिस से लिफ्ट नीचे उतरा, मिंकी शर्मा की स्कूटी पर आगे शव और सिर का बैग रख लिया। जवाहरपुल पर पहुंचने के बाद उसने धड़ वाला बैग नीचे उतारा, बड़ी बड़ी रैलिंग लगी होने के कारण यमुना में शव नहीं फेंक शका तो जवाहरपुल पर ही बैग छोड़ दिया और झरना नाले पर पहुंचा। नाले में सिर वाला बैग फेंक दिया, मिंकी की स्कूटी भी वहीं खड़ी कर दी। इसके बाद वह लौट आया और रात में ही मिंकी शर्मा के परिजनों के साथ मिलकर उसने मिंकी की तलाश शुरू कर दी। थाने में गुमशुदगी भी दर्ज कराई।
पुलिस ने मिंकी शर्मा के भाई से फोन करवाकर विनय को बुलवाया
24 जनवरी की सुबह चार बजे जवाहरपुल पर शव मिलने के बाद पुलिस की कई टीमें जांच में जुट गईं। 100 सीसीटीवी देखे गए इसमें स्कूटी पर आगे बैग रखा दिखाई दिया, स्कूटी का नंबर चेक किया तो वह मिंकी का निकला। स्कूटी कहां से आ रही थी इसे चेक किया तो पुलिस संजय प्लेस स्थित कार्यालय तक पहुंच गई। हुलिया देखकर मिंकी के भाई ने स्कूटी चलाने वाले विनय को पहचान लिया। पुलिस ने मिंकी के भाई से विनय को फोन कराया कहा कि मिंकी का पता चल गया है पुलिस ने बुलाया है, उसके पहुंचते ही पुलिस ने अरेस्ट कर लिया। अभी मिंकी का सिर नहीं मिला है।