आगरालीक्स…आगरा में प्रेम, पीताम्बर और पुष्टिमार्गीय रस में रंगा वसंतोत्सव. नाई की मंडी स्थित श्री प्रेमनिधि जी मंदिर में ठाकुर श्याम बिहारी ने वर्ण के भव्य वस्त्र (पीताम्बरी) धारण कर दिए दर्शन
नाई की मंडी स्थित प्राचीन श्री प्रेमनिधि जी मंदिर में वसंत पंचमी का पावन पर्व भक्तिभाव, रंगों और पुष्टिमार्गीय परंपराओं के अनुरूप अत्यंत श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ठाकुर श्याम बिहारी जी की सेवा वसंत ऋतु के स्वागत के प्रतीक रूप में विशेष क्रम से संपन्न की गई। मुख्य सेवायत हरिमोहन गोस्वामी ने बताया कि वसंत पंचमी से ऋतुराज वसंत के आगमन का आरंभ माना जाता है। इसी भाव के अंतर्गत ठाकुर श्याम बिहारी जी को पीत वर्ण के भव्य वस्त्र (पीताम्बरी) धारण कराए गए। केसर युक्त दूध से ठाकुर जी का मंगल स्नान कराया गया तथा श्रृंगार में सरसों के फूल, गेंदा एवं अन्य पीले पुष्पों का विशेष उपयोग किया गया। पीले तिलक और बसंती आभूषणों से ठाकुर जी का अलौकिक श्रृंगार भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।
सेवायत सुनीत गोस्वामी ने बताया कि महोत्सव के अंतर्गत ठाकुर जी को बसंती कक्ष, जिसे ऋतुराज भवन भी कहा जाता है, में विराजमान किया गया। वसंत पंचमी से ब्रज में होली की शुरुआत मानी जाती है, इसी परंपरा के अनुसार ठाकुर जी के चरणों में एवं गालों पर हल्का गुलाल और अबीर अर्पित किया गया। यह सेवा पुष्टिमार्ग और ब्रज परंपराओं का अभिन्न अंग मानी जाती है। पुष्टिमार्गीय राग सेवा के अंतर्गत वसंत ऋतु पर आधारित पदों का मधुर गायन किया गया, जिससे संपूर्ण मंदिर परिसर भक्तिरस में सराबोर हो उठा। सरसों की मंजरी अर्पित कर वसंत पूजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य सेवायत हरिमोहन गोस्वामी एवं सेवायत सुनीत गोस्वामी के सान्निध्य में समस्त सेवाएं विधिवत रूप से संपन्न हुईं। आयोजन की व्यवस्था में प्रबंधक दिनेश पचौरी, आशीष पचौरी ने संभाली