आगरालीक्स…Agra News: . आगरा में 4.34 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, बिजली चोरी करने पर छह हजार से अधिक मुकदमे दर्ज किए गए।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की प्रदेशीय विद्युत व्यवस्था संबंधी जांच समिति वर्ष (2024-25) के सभापति दिनेश कुमार गोयल को विद्युत उपभोक्ता लोड के अनुरूप ट्रांसफार्मरों की स्थिति व इनके रख रखाव की व्यवस्था के बारे में जानकारी तलब की जिसमें बताया गया कि आगरा क्षेत्र, में कुल 4.34 लाख उपभोक्ता हैं, जिनका स्वीकृत भार 1176000 कि०वा० है। इस विद्युत भार को विद्युत आपूर्ति हेतु 1925251 के०वी०ए० क्षमता के कुल 54000 से अधिक वितरण परिवर्तक स्थापित किये गये हैं। इन वितरण परिवर्तकों को 114 नग 33/11 विद्युत उपकेन्द्रों पर स्थापित 219 नग पावर परिवर्तक, कुल क्षमता 1450 एम०वी०ए० से आपूर्ति दी जाती है। वितरण परिवर्तक व पावर परिवर्तकों पर आवश्यकतानुसार एवं निर्धारित अनुरक्षण माह में रख-रखाब का कार्य कराया जाता है। वितरण परिवर्तक के क्षतिग्रस्त होने पर विद्युत कार्यशाला खण्ड, आगरा के माध्यम से निर्धारित समय सीमा में परिवर्तक को बदलवाया जाता है। जनपद फिरोजाबाद में 33/11 के0वी0 के कुल 74 विद्युत उप केन्द्र तथा 142 पावर परिर्वतक स्थापित है जिनकी क्षमता 1030 एम0वी0ए0 है तथा जनपद फिरोजाबाद में वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 5091 वितरण परिवर्तक क्षतिग्रस्त हुए जिनकी मरम्मत में 7 करोड 04 लाख 67 हजार की धनराशि व्यय हुई है।
आगरा क्षेत्र में 273 मीटर रीडर कार्यरत हैं, सभापति ने मीटर रीडरों के कार्य क्षेत्र समय समय पर बदले जाते है कि नहीं, के बारे में सवाल जवाब किया, जिसमें बताया गया कि वर्ष 2024-25 में आगरा में कुल 45 मीटर रीडरों के क्षेत्र में परिवर्तन किया गया है। जनपद फिरोजाबाद में कुल 209 मीटर रीडर कार्यरत है, जिन में से पिछले एक साल में 42 मीटर रीडरों के स्थान परिवर्तन किये गये है।
समिति द्वारा पूछा गया कि जनपद आगरा में क्या प्रत्येक ट्रांसफार्मर पर लगाये गये मीटर से उपभोग होने वाले पावर का उस एरिया के कुल पावर उपभोग से प्राप्त राजस्व से आंकलन किया जाता है या नहीं तथा वर्ष 2024 से अब तक किये गये आंकलन की क्या रिपोर्ट है, जिसमें बताया कि वर्तमान में जनपद आगरा में ए०एम०आई०एस०पी० योजना के अन्तर्गत क्षेत्र के लगभग 15000 ट्रांसफार्मर पर स्मार्ट मीटर लगाया जाना प्रक्रिया में है। योजना के गो-लाइव होने के पश्चात् पावर उपभोग से प्राप्त आंकलन का ऑनलाइन डाटा प्राप्त हो सकेगा। उदाहरण के रूप में बाह टाउन में स्मार्ट मीटर की स्थापना के पश्चात् 6 नग वितरण परिवर्तकों की खपत एवं राजस्व का आंकलन किया गया, जिसमें 53 प्रतिशत् से 137 प्रतिशत् तक खपत राजस्व निर्धारण में वृद्धि प्राप्त की गई है।बैठक में विद्युत खंभों पर फैली केबिलों से होने वाली दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिये विभाग की कार्य योजना के बारे में पूछा गया, जिसमें बताया गया कि आगरा के अन्तर्गत खंभों पर फैली केबिलों से होने वाली विद्युत दुर्घटनाओं को नियत्रित करने के लिए वर्तमान में आर०डी०एसएस योजना के अन्तर्गत 343 नग फीडरों पर एल०टी० लाईन के नंगे तारों के स्थान पर ए०बी० केबिल बदलने का कार्य एवं एल०टी० लाईन ए०बी०सी० बन्च्ड को आर्मड केबिल से बदलने तथा जर्जर ए०बी० केबिल को नवीन ए०बी० केबिल से बदलने तथा जर्जर विद्युत पोलों के स्थान पर नवीन पोलों के स्थापित करने का कार्य किया जा रहा है। जिससे विद्युत से दुर्घटनाये नियन्त्रित होंगी। जनपद फिरोजाबाद में अब तक 1315.88 सर्किट कि0मी0 ए0बी0 केवल एवं 747.05 सर्किट कि0मी0 आरमर्ड एक्स0एल0पी0ई0 केवल को बदलने का कार्य किया जा चुका है। इसके अलावा 100 मीटर तक की दूरी के संयोजन हेतु प्रक्रिया संचालित है।
आगरा में विद्युत चोरी रोकने हेतु विभाग द्वारा क्या उपाय किये जा रहे हैं व विगत एक वर्ष में विभाग / विजलेंस द्वारा विद्युत चोरी के कितने प्रकरणों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गयी, क्या ऐसे प्रकरणों पर किसी विभागीय कार्मिक की भी संलिप्तता पाई गयी, चीफ इंजीनियर ने बताया कि विद्युत चोरी रोकने हेतु नियमित रूप से विभागीय एवं प्रवर्तन दल के सहयोग से चैकिंग की कार्यवाही की जा रही है साथ ही अत्यधिक हाई लॉस वाले फीडरों को चयनित कर विजिलेंस टीम के माध्यम से विद्युत चोरी पर प्रभावी अकुंश लगाकर लाईन लॉसिस में कमी की गयी है तथा आर०डी०एस०एस० योजना के अन्तर्गत 343 नग फीडरों पर ए०बी० केबिल स्थापित करने का कार्य किया गया है। माह मार्च व अप्रैल, 2025 में विजलेंस टीम के साथ विद्युत वितरण खण्ड-खेरागढ़ के अन्तर्गत खेरागढ़ उपकेन्द्र से पोषित पुल रोड फीड़र पर कार्यवाही की गई, जिससे लाइन हांनियाँ 52 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत रह गयी।विगत् 01 वर्ष में विभाग / विजलेंस द्वारा विद्युत चोरी के 6115 प्रकरणों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गयी। इन प्रकरणों में किसी विभागीय कार्मिक की संलिप्ता नही मिली।