आगरालीक्स…आगरा की रामलीला में हुआ प्रभु श्रीराम और कुंभकर्ण में हुआ घमासान युद्ध. रिमझिम वर्षा के मध्य हुई तीरों की बारिश
उत्तर भारत की प्रमुख श्रीराम लीला में मंगलवार को हल्की बारिश थी, उसके बावजूद दर्शकों में उत्साह काफी नजर आ रहा था। श्रीराम और कुभकर्ण अपने-अपने रथों पर सवार होकर घनघोर युद्ध किया। जिसका सभी ने अवलोकन किया। आगरा किला के सामने रामलीला मैदान में आज की लीला की शुरुआत लक्ष्मण जी की मूर्छा से जागने के साथ हुई। राम की सेना से घबराए दशानन ने कुम्भकरण को युद्ध के मैदान में भेजने का निर्णय लिया, लेकिन वह तो छह माह सोता था। रावण ने स्वयं कुम्भकर्ण के महल में जाकर उसे जगाने का प्रयास किया। वह जागा तो मदमस्त हाथी की तरह युद्ध भूमि में पहुंच गया।
मुरादाबाद की कार्तिकेय संस्था के निर्देशक डा.पंकज दर्पण अग्रवाल के निर्देशन में हो रही इस लीला में दर्शक खूब जुड़ रहे हैं। मंचीय लीला के बाद श्रीराम और कुंभकर्ण की सेनाएं मैदान में आ गईं। प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण द्वारा कुभकर्ण की सेना पर तीरों की बौछार की जाने लगीं। वहीं उनके जबाव में कुंभकर्ण और उनकी सेना भी तीर चलाने लगी। तलवार, गदा, भाले से सैनिक एक दूसरे लड़ने लगी। तीरों की बौछार को देखने और तीर लूटने के लिए दर्शक रथ के आगे-पीछे दौड़ते रहे। जिन्हें सुरक्षा कर्मियों और पुलिस कर्मियों ने नियंत्रित किया।
कुम्भकर्ण व श्रीराम की सेना में घनघोर युद्ध होता रहा। कुम्भकर्ण पर सारे प्रहार असफल होते गये। अंत में श्रीराम ने कुम्भकर्ण पर अमोघ अस्त्र चला कर उसका वध कर दिया। कुम्भकर्ण का शीश धड़ से अलग होकर गिर गया। प्रभु श्री राम द्वारा कुम्भकर्ण का उद्धार करके उसे श्रीधाम पहुंचाया दिया।
जल उठा 40 फुट ऊंचा पुतला
कुंभकर्ण का वध होते ही आतिशबाजी हुई। तोप के गोले छोड़े गए। इन धमाकों से रामलीला मैदान दहल उठा है। उसके बाद कुम्भकर्ण के लगभग 40 फुट ऊंचे पुतले का दहन किया गया। दहन से पूर्व मैदान में भी आतिशबाजी की गई। भरी वर्षा के बावजूद लीला समय से प्रारंभ हुई और दर्शकों की भी रही भरपूर उपस्थिति।
प्रभु श्री राम की आरती आगरा फिजियोथेरेपी सेंटर के डॉ. ब्रह्मवीर सिंह, डॉ. नताशा शर्मा, डॉ. शिखा, डॉ. धर्मेंद्र शर्मा द्वारा की गई। आगरा कुशवाहा समाज ने भी प्रभु की आरती की।
इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, महामंत्री राजीव अग्रवाल, भगवानदास बंसल, विजय प्रकाश गोयल, रामकिशन अग्रवाल, मुकेश श्रृंगार, मनोज (पोली), संजय तिवारी, विष्णु दयाल बंसल, महेश चंद, रामाशीष शर्मा, रामांशु शर्मा, अजय अग्रवाल, दिलीप कुमार अग्रवाल, मनोज कुमार अग्रवाल, आयुष तार, राम राहुल शर्मा, राहुल गौतम सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।