आगरालीक्स…आगरा में निकली भव्य शिव बारात. तांडव नृत्य से शिवमय हुआ दयालबाग. भूत–प्रेतों के प्रतीकात्मक स्वरूप और साधु वेशधारी बच्चों ने बारात में उत्साह और आकर्षण को चार चांद लगा दिए…
श्री महाकालेश्वर मंदिर, दयालबाग में सावन महोत्सव समिति द्वारा आयोजित श्री शिव महापुराण कथा एवं महा रुद्राभिषेक महोत्सव के चौथे दिन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। जैसे ही गणेश जी की सवारी ने शिव बारात की अगुवाई की, नासिक बैंड की धुनों और शिव नाम के गगनभेदी जयघोषों से पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया। शिव बारात जतिन रिज़ॉर्ट से सरला बाग रोड होते हुए 100 फुटा रोड तक निकाली गई। सबसे आगे गणेश जी की झांकी, उसके पीछे शिव के गण, फिर नंदी पर विराजमान शिव और पार्वती के स्वरूप, और रथों पर सजी झांकियां चल रही थीं। तांडव नृत्य, भूत–प्रेतों के प्रतीकात्मक स्वरूप और साधु वेशधारी बच्चों ने बारात में उत्साह और आकर्षण को चार चांद लगा दिए।
महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज, आचार्य विष्णु कांत शास्त्री एवं कथा व्यास आचार्य मृदुलकांत शास्त्री ने विधिवत आरती कर बारात का शुभारंभ किया। बारात का विशेष आकर्षण बना नासिक से बुलाया गया भव्य बैंड, रथों पर विराजमान शिव–पार्वती स्वरूप, नृत्यमयी झांकियां, शिव तांडव की प्रस्तुति, गणों की झांकी और शंखध्वनि एवं भक्तों द्वारा पुष्पवर्षा और जलार्पण। शिव बारात से पूर्व कथा मंच पर आचार्य मृदुलकांत शास्त्री ने शिव पार्वती विवाह प्रसंग को भावविभोर शैली में प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह विवाह आत्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है। पार्वती का प्रेम तप है, और शिव की स्वीकृति, करुणा का अनंत विस्तार।
मुख्य संयोजक आचार्य सुनील वशिष्ठ ने कहा कि शिव बारात केवल धार्मिक परंपरा नहीं, यह हमारी संस्कृति की जीवंत अभिव्यक्ति है जिसमें भक्त शिवत्व को बाह्य रूप से नहीं, अंतरात्मा से जीते हैं।
इस अवसर पर सह संयोजक पवन शर्मा, सुनील शर्मा, सुनील सिंघल, अजय पांडे, अरविंद द्विवेदी, प्रदीप द्विवेदी, शुभम द्विवेदी, रामचरण शर्मा, आकाश शर्मा, महिला मंडल अध्यक्ष सरिता तिवारी, नीलू पांडे, रमेश शुक्ला आदि उपस्थित रहे।
