आगरालीक्स…आगरा के सेन अस्पताल में महिला की डिलीवरी के बाद मौत. इलाज में लापरवाही का आरोप. परिजन बोले—बिना बताए दूसरे अस्पताल भेज दिया…
आगरा के थाना शाहगंज स्थित सेन अस्पताल में महिला प्रसूता की आपरेशन के दौरान मौत हो गई. मृतका के परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज के दौरान लापरवाही का आरोप लगाया है. यही नहीं आरोप है कि परिजनों को बिना बताए महिला को दूसरे अस्पताल में भर्ती करा दिया गया. परिजनों ने थाना शाहगंज में तहरीर दी है.मथुरा के राया की रहने वाली साधना पाठक पत्नी हरिओम पाठक को शुक्रवार को शाहगंज स्थित सेन अस्पताल में भर्ती कराया गया था. महिला के भाई ने बताया कि रविवार सुबह करीब 8 बजे उसकी बहन का आपरेशन किया गया. साधना ने एक बच्ची को जन्म दिया. परिजनों का आरोप है कि आपरेशन के बाद अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को महिला से नहीं मिलने दिया. महिला के बारे में पूछा तो बताया कि पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. परिजन जब वहां पहुंचे तो उस अस्पताल ने महिला को ले जाने के लिए कह दिया. इसके बाद परिजन महिला को दिल्ली गेट स्थित एक अन्य अस्पताल में लेकर गए लेकिन यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
इलाज में लापरवाही का आरोप.परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान लापरवाही के चलते महिला की मौत हुई है. डॉक्टर ने गलत इंजेक्शन लगाया और मरीज की सही से देखभाल नहीं की. थाना शाहगंज में तहरीर दी गई है. इधर डॉ. अलका सेन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने मरीज को सही सलामत इलाज किया था और उसे रेफर किया था. डॉ अलका सेन का कहना है कि प्रसुता को जब भर्ती कराया गया था तभी परिजनों को इसकी गंभीर हालत के बारे में बता दिया गया था. आपरेशन के बाद डिलीवरी हुई लेकिन रक्तस्राव होने के कारण प्रसुता को पास के ही एक अस्पताल में रेफर किया गया लेकिन वहां भर्ती नहीं किया गया. इसके बाद महिला को दिल्ली गेट अस्पताल ले गए और बाद में एसएन, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. डॉ. सेन का कहना है कि अगर रेफर के बाद समय रहते इलाज मिल जाता जान बच सकती थी.
विधायक की भतीजी की भी हुई थी मौत
आगरा के सेन हॉस्पिटल, कोठी मीना बाजार में फतेहपुर सीकरी से भाजपा विधायक चौधरी बाबूलाल के छोटे भाई महाराज सिंह की बेटी पिंकी चौधरी को प्रसव पीड़ा होने पर 14 अगस्त 2022 को भर्ती किया गया. सिजेरियन डिलीवरी से बेटे को जन्म दिया, इसके बाद तबीयत बिगड़ गई, प्रभा ट्रोमा सेंटर और उसके बाद मेदांता, गुरुग्राम लेकर गए. 18 अगस्त को मौत हो गई. इस मामले में म्रतका के परिजनों ने आरोप लगाए हैं कि ऑपरेशन डॉ. अलका सेन ने नहीं किया अपनी बेटी से आपरेशन कराया था. जबकि मरीज को डॉ. अलका सेन से सिजेरियन डिलीवरी कराने के लिए भर्ती किया था और फीस दी थी. ऑपरेशन में लापरवाही से ही मरीज की मौत हुई है.