आगरालीक्स…आगरा के ‘कोठी मीना बाजार’ में औरंगजेब ने छल से किया था छत्रपति शिवाजी और उनके पुत्र संभाजी को कैद कर नजरबंद…छह साल की खोज के बाद खुला राज तो अब यहां बनेगा भव्य स्मारक…यूपी और महाराष्ट्र सरकार मिलकर बनाएगी शिवाजी स्मारक स्थल
इतिहास के पन्नों में दबा एक और सच अब सामने आ गया है। ऐतिहासिक तथ्यों और जयपुर राजपरिवार के राजस्व अभिलेखों से पुष्टि हुई है कि आगरा की कोठी मीना बाजार वही स्थान है जहां औरंगजेब ने छल से छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके पुत्र संभाजी को कैद कर नजरबंद रखा था। यहीं से शिवाजी ने अपनी बुद्धि, साहस और अद्भुत योजना से मुगल कैद तोड़कर इतिहास रच दिया था।6 साल की खोज के बाद खुला राज
इस ऐतिहासिक तथ्य को उजागर करने में सन् 2018 से उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय जुटे थे। इतिहासकार प्रो. सुगम आनंद और स्व. डॉ. अमर आधार निडर के शोध प्रयासों से यह प्रमाणित हुआ कि मिर्जा राजा जयसिंह के पुत्र रामसिंह का यही आवासीय स्थल शिवाजी की कैदगाह था। योगेंद्र उपाध्याय का कहना है कि दुर्भाग्य से पिछली सरकारों ने इस प्रेरणादायी स्थल पर न कोई स्मारक बनाया और न ही इसकी खोज की। अब इस स्थान को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत और महाराष्ट्र से उत्तर भारत तक एकात्मकता का प्रतीक बनाया जाएगा।
इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने मुंबई प्रवास के दौरान महाराष्ट्र के संस्कृति मंत्री आशीष शेलार से उनके मालाबार स्थित आवास पर मुलाकात की। उन्होंने शेलार को आगरा आकर स्थल का निरीक्षण करने और विकास की रूपरेखा तैयार करने का आमंत्रण दिया। बैठक में महाराष्ट्र भाजपा नेता सुनील सिंह भी मौजूद रहे। मंत्री ने छत्रपति शिवाजी के UNESCO द्वारा मान्यता प्राप्त 12 किलों के इतिहास पर आधारित पुस्तक भी भेंट की। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मंत्री आशीष शेलार ने पहले ही आश्वस्त किया है कि महाराष्ट्र सरकार उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर इस स्मारक स्थल को भव्यता प्रदान करेगी। अब यूपी और महाराष्ट्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से कोठी मीना बाजार को राष्ट्रीय स्मारक के रूप में विकसित करने की तैयारी है, ताकि शिवाजी महाराज के शौर्य का यह प्रतीक देश-दुनिया के सामने आ सके।