आगरालीक्स…आगरा की जामा मस्जिद की सीढ़ियों में श्रीकृष्ण के विग्रह दबे होने को लेकर एक और वाद दायर…कोर्ट ने स्वीकार किया वाद
आगरा की जामा मस्जिद की सीढ़ियों को लेकर एक और वाद दायर किया गया है. सीढ़ियों के नीचे भगवान श्रीकृष्ण के विग्रह दबे होने को लेकर आगरा न्यायालय में यह वाद दायर हुआ है. इससे पहले कथाकार देवकीनंदन ठाकुर की ओर से भी वाद दायर किया गया था जिसमें तीन सुनवाई हो चुकी हैं.
श्री भगवान श्रीकृष्ण लला विराजमार द्वारा कौशल किशोर, ठाकुरजी उर्फ कौशल किशोर सिंह तोमर, योगेश्वर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ ट्रस्ट, क्षत्रिय शक्तिपीठ विकास ट्रस्ट, अजय प्रताप सिंह एडवोकेट अध्यक्ष योगेश्वर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा ट्रस्ट और अनंजय कुमार सिंह सदस्य योगेश्वर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ की ओर से सिविल जज प्रवर वर्ग के न्यायालय में वाद दायर किया गया है. एडवोकेट अजय प्रताप सिंह ने बताया कि उन्होंने इसमें उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड लखनऊ और जामा मस्जिद प्रबंधन कमेटी आगरा को प्रतिवादी बनाया है. वाद को कोर्ट द्वारा स्वीकार कर लिया गया है. उनके द्वारा ऐतिहासिक साक्ष्य को रखा गया है.
बता दें कि इससे पहले 11 मई को कथावाचक देवकीनंदन महाराज की ओर से श्रीकृष्ण जन्मभूमि संरक्षित सेवा ट्रस्ट की ओर से वाद दायर किया गया था. अभी तक इसमें तीन सुनवाई हो चुकी हैं. कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर का दावा है कि आगरा की जामा मस्जिद में जो सीढ़ियां बनी हैं, उनके नीचे श्रीकृष्ण भगवान की मूर्तियां हैं. देवकीनंदन ने कहा कि पहले हमारे देश में बाहर से आए मुगल आक्रांताओं ने सनातन धर्म और हिंदू संस्कृति को नुकसान पहुंचाने और अपमानति करने के काम किए थे. 1670 में औरंगजेब ने मथुरा ेमं भगवान श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर प्राचीन ठाकुर केशव देव मंदिर को तोड़कर उस स्थान पर मस्जिद बनवा दी थी. केशव देव मंदिर की मूर्तियों को आगरा की जामा मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दबा दिया.