आगरालीक्स…आगरा में गूंजी या हुसैन की सदाएं…आखिरी सफर पर निकले ताज़िए पहुंचे कर्बला, गमगीन आंखों से किया सुपुर्द-ए-खाक…
आगरा। पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद (सल्ल) के नवासे हजरत इमाम हुसैन आली मकाम की सहादत के महापर्व यौमे आशूरा रविवार को गमगीन माहौल मनाया गया. शहर भर में या हुसैन की सदाएं सुबह से ही सड़कों पर गूंजनी शुरू हो गई थीं. इमामबाड़ों से उठकर ताज़िए कर्बला पहुंचे जहां गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक किए गए. शहर का प्रमुख फूलों का ताजिया उठाया गया. इस दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे. इसके पीछे -पीछे सैकड़ों ताज़िए चल रहे थे. इसके अलावा दस-पांच के समूह में भी विभिन्न गली मोहल्लों से उठकर कर्बला पहुंचे. जहां अकीदतमंदों ने फातिहा पढ़ी. इसके बाद गमगीन माहौल में ताज़िए सुपुर्द-ए-खाक किए गए. सुल्तानगंज पुलिया स्थित कर्बला के अलावा ताजगंज और शाहगंज कर्बला में भी ताज़िए दफन किए गए. करीब 5 हजा ताजिए निकाले गएसबसे पहले शहर के अन्य क्षेत्रों से छोटे जुलूस निकाले गए. दोपहर तीन बजे तक जुलूस का सिलसिला चला रहा. करीब पांच हजार ताजिए निकाले गए. सबसे लास्ट में शहर का सबसे बड़ा फूलों का ताजिया इमाममबाड़ा पहुंचा. यहां हजारों की संख्या में जुलूस में शामिल लोगों ने मातम बनाया और गमगीन माहौल् में ताजिए सुपुर्द ए खाक हुए. अबु उलाह कर्बला पर जगह जगह शरबत की स्टॉल लगाई गई.