आगरालीक्स…गुजरात और कोलकाता के डिजाइनर मटके इतराए तो कैंपर के आकार की सुराही के नखरे भी कम नहीं, अब इन्हें स्टेटस सिंबल के तौर पर भी देखा जा रहा है, कीमत जानकर हो जाएंगे हैरान
मिट्टी के घड़े और सुराही की अहमितय समझनी है तो इन दिनों बाजार में निकल जाएं। तापमान बढ़ते ही इनकी कीमतों में भी गर्मी आ गई है। हालात यह हैं कि बाजार में 80 रूपये की कीमत से लेकर 500 रूपये तक के मटके और सुराहियां उपलब्ध हैं। लोग इन्हें हाथों—हाथ ले रहे हैं। वहीं कई दुकानदारों की मानें तो एसी और फ्रिज की तरह ही मटके और सुराही घर में होना भी अब एक स्टेटस सिंबल बन गया है।
गर्मी का सीजन शुरू होने के साथ ही शहर में कई स्थानों पर मिट्टी के बर्तनों की दुकानें सज गई हैं। इनको खरीदने के लिए ग्राहक भी इन दुकानों की ओर रुख करने लगे हैं। अब घरों में पानी के लिए मिट्टी के मटके भी उपयोग हो रहे हैं। वहीं बाजारों में भी इसकी डिमांड बढ़ गई है। आगरा में गुजरात के अहमदाबाद के टोटी (नल) लगे मटके काफी पसंद किए जा रहे हैं। इसके बाद दूसरा नंबर कलकत्ता के डिजाइनर मटकों का है। हालांकि बजट के हिसाब से लोकल टोंटी लगा मटका ही रास आ रहा है। बल्केश्वर में मिट्टी और सुराही का काम करने वाले देवेंद्र बताते हैं कि साधारण मटकों के साथ अब अलग स्टाइल और डिजाइन वाले घड़े व सुराही भी खूब पसंद किए जा हैं। टोंटी वाले और कैंफर जैसे आकार वाले घड़े भी लोगों को खूब रास आ रहे हैं। कमलानगर में गुजरात और कलकत्ता के मटकों के एक विक्रेता ने बताया कि अच्छे और डिजाइनर मटके लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। महंगे होने के बावजूद यह सबसे ज्यादा खरीदे जा रहे हैं।
बता दें कि आगरा में बल्केश्वर, आवास विकास, सिकंदरा, कमलानगर, मदिया कटरा, रामबाग, टेढ़ी बगिया, नामनेर, नौलक्खा समेत कई प्रमुख स्थान हैं जहां पिछले 15 दिनों से मिट्टी के बर्तन और मटके सुराहियों के प्रतिष्ठान सजे—धजे नजर आ रहे हैं।
मटके के पानी से मिलती है संतुष्टि
बल्केश्वर निवासी तुषार मटका लेने पहुंचे थे। बातचीत में उन्होंने कहा कि हम फ्रिज में ठंडे किए गए कितने भी शीतल पेय पी लें, लेकिन मटके के ठंडे पानी जितनी संतुष्टि कोई नहीं दे सकता है। समय के साथ इसके निर्माताओं ने इसके रंग, आकार और डिजायन में सुविधाजनक बदलाव भी किए हैं।
स्वास्थ्य के लिएा लाभदायक
वहीं सिकंदरा के रहने वाले गोपान भी हर सीजन में अपने घर मिट्टी का घड़ा रखते हैं। उनका कहना है कि देसी फ्रिज यानि मटके में रखा पानी शीतल होने के साथ स्वास्थ्य के लिए लाभदायक भी होता है। आज लोग ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थों का प्रयोग कर रहे हैं। वे स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हैं। इसी के चलते लोगों में मटके और सुराही का प्रयोग बढ़ा है।
ये हैं कीमत
साधारण मटका -80 से 100 रुपये
टोंटी वाला मटका 100-150 रुपये तक
डिजाइनर मटका -250 से 400 रुपये
पेंटिंग वाला मटका- 150 से 300 रुपये
सुराही – 150 से 450 तक
गुजरात का मटका — 400 से 500 रूपये
कलकत्ता को मटका — 300 से 400 रूपये
फायदेमंद है मटके का पानी
विशेषज्ञों की मानें तो मिट्टी में क्षारीय गुण मौजूद होते हैं। मिट्टी के घड़े में पानी रखने से वह क्षारीय अम्लता के साथ प्रभावित होकर उचित पीएच प्रदान करता है। यह पानी सेहत के लिए फायदेमंद है। इसे पीने से एसिडिटी और पेट दर्द में राहत मिलती है। मटके का पानी पीने से कब्ज, एसिडिटी और गला खराब होने जैसी समस्याएं नहीं होतीं।
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