आगरालीक्स…. आगरा में विधायक की भतीजी की डिलीवरी के बाद तबीयत बिगड़ने से हुई मौत के मामले में डॉ. अलका सेन, उनकी बेटी और कर्मचारी पर लापरवाही और हत्या के आरोप में तहरीर, एसएसपी ने सीएमओ को जांच के लिए लिखा है, मेडिकल बोर्ड से जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।
फतेहपुर सीकरी से भाजपा विधायक चौधरी बाबूलाल के छोटे भाई महाराज सिंह की बेटी पिंकी चौधरी का सेन हॉस्पिटल, कोठी मीना बाजार में इलाज चल रहा था। आरोप है कि प्रसव पीड़ा होने पर 14 अगस्त को सेन हॉस्पिटल में भर्ती किया, आपरेशन के बाद रात 10 बजे बेटे को जन्म दिया। उसके बाद से ही सांस लेने में परेशानी होने लगी, परिजनों ने कर्मचारी से कहा लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया और परिजनों को मरीज से मिलने भी नहीं दिया।

सुबह चार बजे देखने आई डॉ. अलका सेन की बेटी
आरोप है कि परिजनों के अस्पताल में एकत्रित होने पर 15 अगस्त की सुबह चार बजे कर्मचारियों ने बताया कि डॉ. अलका सेन की बेटी जो कि डॉक्टर हैं उन्होंने ही रात को आपरेशन किया था वह चेकअप करने आ रही हैं। इसके बाद पिंकी को ओटी में ले गए वहां से सीधे प्रभा ट्रामा सेंटर में एंबुलेंस से भेज दिया। प्रभा से मेदांता ले गए और अत्यधिक ब्लीडिंग के कारण 18 अगस्त को मौत हो गई, आगरा में पोस्टमार्टम कराया गया।
सीसीटीवी जब्त कर जांच के लिए कहा
इस मामले में एसएसपी कैंप कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर हॉस्पिटल के सीसीटीवी जब्त किए जाएं, आरोप है कि डॉ. अलका सेन, उनकी बेटी और स्टाफ ने लापरवाही की है, जानबूझकर हत्या की है, इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने सीएमओ से जांच कराने के लिए लिखा है। सेन हॉस्पिटल की संचालिका डॉ. अलका सेन का मीडिया से कहना है कि लापरवाही के आरोप गलत है, मरीज को फेंफड़ों से संबंधित समस्या पहले से थी इसलिए तबीयत बिगड़ गई थी, तबीयत बिगड़ते ही हायर सेंटर में रेफर कर दिया गया था।