आगरालीक्स…. आगरा में भाजपा विधायक की भतीजी की मौत के मामले में आरोपी डॉ. अलका सेन ने स्वास्थ्य विभाग की टीम पर लगाए गंभीर आरोप, थाने में दी तहरीर, चार घंटे पूछताछ के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम हॉस्पिटल पहुंचकर ले गई दस्तावेज, दस्तावेजों में हेरफेर करने के लगाए आरोप। उधर, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डॉ. अलका सेन पर जांच में सहयोग न करने के आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन की टीम जांच के दौरान साथ में भेजने की मांग की है।

यह है मामला
आगरा के फतेहपुर सीकरी से भाजपा विधायक चौधरी बाबूलाल के छोटे भाई महाराज सिंह की बेटी 28 वर्षीय पिंकी चौधरी की 14 अगस्त 2022 को सेन मैटरनिटी एंड आई हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड, कोठी मीना बाजार में सिजेरियन डिलीवरी के बाद तबीयत बिगड़ गई, अगले दिन प्रभा ट्रामा सेंटर और वहां से मेदांता हॉस्पिटल रेफर कर दिया। 18 अगस्त को पिंकी चौधरी की मेदांता हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पिंकी चौधरी के परिजनों द्वारा डॉ. अलका सेन पर इलाज में लापरवाही और अपनी बेटी से ऑपरेशन करने के आरोप लगाए हैं। इस मामले की जांच कमेटी कर रही है।
डॉ. अलका सेन ने थाने में दी तहरीर, लगाए गंभीर आरोप
इस मामले में डॉ. अलका सेन ने थाना शाहगंज में तहरीर दी है, आरोप लगाए हैं कि 23 अगस्त को बयान दर्ज करने के लिए 11.30 बजे सीएमओ कार्यालय में बुलाया, चार घंटे तक पूछताछ की, इसके बाद वे अपने घर लौट आईं। शाम पांच बजे कमेटी के अध्यक्ष डा. यूबी सिंह सहित अन्य हॉस्पिटल पहुंचे, आरोप है कि उन्हें बुलाया नहीं और वहां गए जहां पिकंी चौधरी को प्रसव के बाद भर्ती किया गया था। आपरेशन थिएटर के रजिस्टर और रिसेप्शन से आईपीडी के रजिस्ट्रर को कर्मचारियों से छींन कर ले गए। आशंका है कि दस्तावेज में हेरफेर की जा सकती है।
स्वास्थ्य विभाग की कमेटी ने पुलिस प्रशासन का मांगा सहयोग
इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस प्रशासन को एक पत्र भेजा है, इसमें कहा गया है कि 23 अगस्त को बयान दर्ज करने के बाद टीम सेन हॉस्पिटल पहुंची। लेकिन डॉ़. अलका सेन और उनकी बेटी बुलाने के बाद भी नहीं आई, कर्मचारियों की सहमति से रजिस्ट्रर जांच करने को लिए गए हैं। डॉ. अलका सेन जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं इसलिए पुलिस प्रशासन की टीम भी उपलब्ध कराई जाए।