आगरालीक्स …..आगरा की सबसे खौफनाक वारदात का खुलासा, प्रतिष्ठित स्कूल की 11 की छात्रा ने ब्वायफ्रेंड संग मिलकर कराई मां की हत्या। ये निकला कारण।

आगरा के शास्त्रीपुरम स्थित भावना एरोमा निवासी कारोबारी उदित बजाज की पत्नी अंजलि बजाज की हत्या के आरोप में उसके ब्वायफ्रेंड प्रखर गुप्ता और प्रखर के साथी शीलू को अरेस्ट कर लिया है। रविवार को डीसीपी विकास कुमार ने मीडिया को बताया कि अंजलि बजाज की हत्या की साजिश उनकी नाबालिक बेटी ने ब्वायफ्रेंड प्रखर गुप्ता और प्रखर गुप्ता के दोस्त शीलू के साथ मिलकर रची थी।
हत्या के पीछे ये निकला कारण
कारोबारी उदित बजाज की बेटी एक प्रतिष्ठित स्कूल की 11 वीं की छात्रा है, छह महीने पहले प्रखर की उससे दोस्ती हुई, इसके बाद वह उसके घर भी आया, कुछ दिन पहले अंजलि ने बेटी के मोबाइल में प्रखर के साथ उसके फोटो देख लिए। प्रखर के घर आने और अपनी बेटी के साथ संबंध होने की जानकारी अंजलि को हो गई थी। अंजलि ने कहा था कि वह प्रखर को जेल भिजवाकर मानेगी। इसके बाद छात्रा ने प्रखर के साथ मिलकर मां अंजलि को रास्ते से हटाने की साजिश रची। वारदात को इस तरह अंजाम देना चाहते थे कि कोई पकड़ा न जाए। इसके लिए वाटस एप मैसेज का इस्तेमाल किया और मैसेज डिलीट भी कर दिए गए।
इस तरह की वारदात
बुधवार यानी सात जून प्रखर गुप्ता ने को छात्रा का वाटसएप नंबर अपने मोबाइल पर लेने के बाद मैसेज किया, उसकी मां को वनखंडी मंदिर सिकंदरा बुलाया। अंजलि मैसेज को अपनी बेटी का समझ कर उदित के साथ वनखंडी मंदिर पहुंचे, तभी उदित के पास मैसेज आया कि गुरु द्वारा गुरु के ताल पर आ जाएं, वह अंजलि को वनखंडी मंदिर पर ही छोड़कर कार से गुरु द्वारा गुरु के ताल पर पहुंचे। वनखंडी मंदिर पर प्रखर गुप्ता ने अंजलि को पकड़ लिया और उसके साथी शीलू ने चाकू से पेट और हाथ पर ताबड़तोड़ बार कर अंजलि की हत्या कर दी।
उधर, उदित ने बेटी को फोन किया कहा कि उनका एक्सीडेंट हो गया है इससे उनकी बेटी घबराकर घर पहुंच गई, उसने पिता उदित को फोन कर कहा कि वह घर आ गई है, इस पर उदित गुरु द्वारा गुरु के ताल से लौट गए और वनखंडी मंदिर अंजलि को लेने पहुंचा लेकिन अंजलि वहां नहीं थी।
कारोबारी की बेटी बोली, उम्र से बढ़े को बनाते हैं ब्वायफ्रेंड
पुलिस ने पूरा मामला खोलने के लिए कारोबारी की बेटी से खुलकर बात की, महिला पुलिसकर्मियों से बातचीत में कारोबारी की बेटी ने बताया कि उसके साथ पढ़ने वाली अधिकांश छात्राओं के ब्वायफ्रेंड है, ब्वायफ्रेंड बनाना कॉमन है। अधिकांश केस में ब्वायफ्रेंड साथ पढ़ने वाले छात्रों की जगह बाहरी युवक होते हैं जो उम्र में अधिक और मैच्योर होने के साथ ही हेंडसम लगें। जब एक छात्रा का ब्चायफ्रेंड बन जाता है तो उसके युवक के दोस्त छात्रा की फ्रेंड से बात करना शुरू कर देते हैं, इस तरह ब्वायफ्रेड बनते जाते हैं। ब्वायफ्रेंड से जिम जाने, टयूशन पढ़ने, साथी छात्रा से मिलने के बहाने आसानी से मिल लेते हैं। प्रखर भी उसके घर पर आया था जब उसके माता पिता नहीं थे पहली बार वह उसकी स्कूल में साथ पढ़ने वाली छात्रा के साथ आया था इसके बाद अकेले भी उसके घर पर आया।