आगरालीक्स… आगरा के पेठे को पेटेंट कराने के लिए छिड़ी मुहिम, पेटेंट होने पर देश भर में केवल आगरा में ही बनेगा पेठा। पेठा व्यापारी आगरा के पेठे को पेटेंट कराने के लिए सोमवार को तारघर आगरा में सभा संबोधित करने आ रहे सीएम योगी से मिलेंगे वन ड्रिस्ट्रिक, वन प्रोडेक्ट में शामिल कराने की मांग।

शहीद भगत सिंह पेठा एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं प्राचीन पेठा के संचालक राजेश अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी के सोमवार आगरा आगमन पर पेठा व्यवसायी उनके सात मुलाकात कर आगरा के विश्व विख्यात पेठे को अलग पहचान दिलाने के लिए पेठे को पेटेंट कराने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा है कि इस बारे में कई बार प्रयास किया है लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा कि पेठा सबसे सस्ती और अच्छी मिठाई है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहतर होती है लेकिन फिर भी उसको वह स्थान नहीं मिल पा रहा है, जिसकी उसे जरूरत है।
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही आगरा के टीटीजेड में शामिल होने के दौरान आगरा की 126 पेठा इकाइयों के लिए गैस की व्यवस्था सरकार द्वारा की गई थी लेकिन इस गैस को कुछ कारणों से फिरोजाबाद के चूड़ी उद्योग को दे दिया है, जिसकी वजह से सब्सिडी की गैस नहीं मिल पा रही है। बिना सब्सिडी की गैस पेठा व्यापारियोंको दोगुनी से ज्यादा कीमत में लेनी पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि पेठा उद्योग को वन ड्रिस्ट्रिक वन प्रोडेक्ट में शामिल करने की मांग भी उठाई जाएगी।
पेटेंट मिलने पर मिल जाता है उत्पाद के लिए एकाधिकार
पेटेंट एक ऐसा अधिकार है जो किसी व्यक्ति या संस्था को किसी बिल्कुल नई सेवा, तकनीकी, प्रक्रिया, उत्पाद या डिजाइन के लिए दिया जाता है। इसके मिलने के बाद यदि कोई व्यक्ति संस्था किसी उत्पाद को खोजती या बनाती है तो उस उत्पाद को बनाने का एकाधिकार प्राप्त कर लेती है। पेटेंट धारक के अलावा कोई व्यक्ति या संस्था इसी उत्पाद को बनाती है तो यह गैरकानूनी माना जाता है, कानून अपराध की श्रेणी में आता है। भारतीय पेटेंट कार्यालय का मुख्यालय कोलकाता में है। यह वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के आदेशानुसार काम करता है। इसे पेटेंट, डिजाइन और ट्रेड माक्र्स यानी सीजीपीडीटीएम के नियंत्रक जनकर के कार्यालय द्वारा प्रशासित किया जाता है।