आगरालीक्स…आगरा में घरों और आफिसों में सौर ऊर्जा के लिए किया प्रेरित. सोलर प्लांट के लिए 60 लोगों को ट्रेनिंग के बाद दिए गए सर्टिफिकेट. बताया—भविष्य के लिए ऊर्जा सुरक्षा व पर्यावरण संरक्षण के लिए सौर ऊर्जा महत्वपूर्ण
आगरा रिन्यूएबल एनर्जी एसोसिएशन के साथ नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्मॉल बिजनेस डेवलपमेंट द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत हर घर सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के राष्ट्रीय सरोकार के मनोभाव से बल्केश्वर स्थित आईटीआई में 28 अप्रैल से 06 मई तक नौ दिवसीय प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। शिविर में 60 प्रशिक्षणार्थियों को सौर ऊर्जा के बारे में जागरूक करने के साथ सोलर प्लांट लगाने के बारे में तकनीकी और वित्तीय जानकारी प्रदान की गई। मंगलवार को शिविर के समापन पर मुख्य अतिथि विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल द्वारा सभी प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा आज के वक्त की सबसे बड़ी जरूरत है। यह देश हित और जनहित में है। सभी लोगों को अपने-अपने घरों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाना चाहिए। उन्होंने बताया कि सरकार ने 17 महानगरों में सौर ऊर्जा से स्ट्रीट लाइट चलाने का निर्देश दिया है। हमारी कोशिश है कि केंद्र व प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालय की छतों पर सोलर प्लांट लगाए जाएँ। उन्होंने कहा कि इसके उपयोग से किसी हानिकारक गैस का उत्सर्जन या प्रदूषण नहीं होता। कम ऊर्जा लागत के साथ भविष्य के लिए ऊर्जा सुरक्षा व पर्यावरण संरक्षण के लिए सौर ऊर्जा एक महत्वपूर्ण विकल्प है।
इस अवसर पर संस्था के संरक्षक सीताराम अग्रवाल ने कहा कि हमको आगरा को इस योजना के अंतर्गत प्रदेश में पहले स्थान पर ले जाना है। अध्यक्ष राजीव जैसवाल ने सभी से अनुरोध किया कि हमको उच्च गुणवत्ता के साथ ही कार्य करना है। कार्यशाला में प्रतिभागियों के ज्ञानवर्धन हेतु उनकी जिज्ञासाओं को अंशुल गुप्ता और मयंक गोयल द्वारा शांत किया गया। इस दौरान आगरा रिन्यूएबल एनर्जी एसोसिएशन के संरक्षक सीताराम अग्रवाल, अध्यक्ष राजीव जैसवाल, सचिव हिमांशु गोयल, कोषाध्यक्ष अंशुल गुप्ता, उपाध्यक्ष नवनीत पाल और मीडिया प्रभारी मयंक गोयल के साथ फर्नीचर संगठन से जुड़े अखिल मोहन मित्तल, आईटीआई बल्केश्वर के प्रिंसिपल मानसिंह भारती, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्मॉल बिजनेस डेवलपमेंट के स्टेट रिप्रेजेंटेटिव सौरभ नौटियाल भीप्रमुख रूप से मौजूद रहे।