आगरालीक्स…बच्चे जब बीमार होते हैं तो पेरेंट्स को भी दर्द होता है. आगरा में आज डॉक्टरों ने बच्चों की बीमारियों और उनके उपचार के बारे में की चर्चा.
छोटे बच्चे जब बीमार होते हैं तो उनसे ज्यादा दर्द उनके पेरेंट्स को होता है. अपने बच्चे को ठीक करने के लिए वो बिना देरी किए डॉक्टर्स से परामर्श लेते हैं. आगरा में आज डॉक्टरों ने बच्चों के रोगों के बारे में न सिर्फ बताया बल्कि उनके उपचार और निदान के बारे में भी जानकारियां दी. फतेहाबाद रोड स्थित एक होटल में आईएपी आगरा इकाई एवं मधुकर रेनबो हॉस्पिटल, नई दिल्ली द्वारा एक संयुक्त सतत निरंतर चिकित्सा शिक्षा सीएमई का आयोजन बच्चों के रोगों पर किया गया. इसमें सत्र की अध्यक्षता चेयरपर्सन डॉ राकेश भाटिया, डॉ अनिल अग्रवाल एवं डॉ आरएन शर्मा ने संयुक्त रूप से की. सत्र को आईएपी आगरा के सचिव डॉ संजीव अग्रवाल एवं अध्यक्ष डॉ संजय सक्सेना ने संयुक्त रूप से मॉडरेट किया.

कुल 7 वक्ताओं ने बच्चों की विभिन्न बीमारियों से संबंधित व्याख्यान दिए. वरिष्ठ वक्ता निर्देशक और पीएसयू इंचार्ज डॉ प्रवीण खिलनानी ने सांस के रास्ते की जटिल समस्याओं को किस प्रकार से निदान व उपचार कर नवजात बच्चों को चिकित्सा दी जाए, के बारे में बताया. डॉ संदीप सिन्हा ने बच्चों में गठान होने पर किस प्रकार से सर्जरी द्वारा उसका निदान व उपचार किया जाए व पेट में सीधी तरफ नीचे की ओर दर्द हो तो उसका किस प्रकार से निदान व ऑपरेशन द्वारा उपचार किया जाए व पहचाना जाए के बारे में विस्तृत रूप से बताया. डॉक्टर रेखा मित्तल ने बच्चों के दिमाग की बीमारियों में की जांच के बारे में बताया तो वहीं डॉ. नंदिनी हजारिका ने बच्चों में गठान की चिकित्सकीय जांच व उपचार के बारे में जानकारी दी. डॉक्टर नवीन प्रकाश गुप्ता ने नवजात शिशु में ऑक्सीजन लेवल कम होने, डॉ चंद्रशेखर ने ईसीएमओ द्वारा बच्चों में उपचार एवं डॉ निधि रावल ने किस तरह से बच्चों में नीचे सीधी तरफ दर्द होने पर पेट में चिकित्सीय उपचार व निदान पर व्याख्यान दिए.
सीएमई में आईएपी आगरा के वैज्ञानिक सचिव डॉ योगेश दीक्षित, कार्यकारिणी सदस्य डॉक्टर मनीष सिंह, डॉ. अभिषेक गुप्ता, डॉ अनिल मित्तल, डॉ. बीबी कुशवाहा, डॉ. शंकर कोहली, डॉ विशाल गुप्ता, डॉ मुकेश चौधरी, डॉ अनिल मित्तल, डॉ. जसवंत, डॉ. विक्रम अग्रवाल, डॉ. प्रेम आशीष मजूमदार, डॉ. प्रज्ञा शर्मा, डॉ. ऋषि बंसल, डॉ. ज्योति आदि उपस्थित रहे.