आगरालीक्स…आगरा में हेल्थ इंश्योरेंस पर कंपनी ने घुटने बदलवाने का खर्चा देने से मना किया तो दंपति ने उपभोक्त फोरम में दायर किया मामला…अब कंपनी को देने होंगे 4.18 लाख रुपये
आगरा में हेल्थ इंश्योरेंस पर घुटने का बदलवाने का खर्चा जब इंश्योरेंस कंपनी ने देने से मना कर दिया तो दंपति ने बीमा कंपनी के ख्लिााफ उपभोक्ता फोरम में वाद दायर कर दिया. बीमा कंपनी का आरोप था कि दंपत्ति ने डायबिटीज व हाइपरटेंशन की बीमारी को छुपाया था लेकिन इस मामले में सुनवाई होने पर उपभोकत फोरम द्वितीय ने वादी के पक्ष में फैसला सुनाया और बीमा कंपनी को 4.18 लाख रुपये देने के आदेश दिए.

ये है मामला
हरीपर्वत के नेहरू नगर में डॉक्टर योगेश भार्गव और उनकी पत्नी अनिला भार्गव रहती हैं. दोनों ने उपभोक्ता फोरम द्वितीय में परिवाद दायर किया था. दंपत्ति के अनुसार उन्होंने अपोलो म्यूनिख हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से हेल्थ इंश्योरेंस पालिसी ली थी. डॉ. योगेश भार्गव ने बताया कि उनके घुटनों में परेशानी महसूस होने पर जयपुर में इसकी जांच कराई तो डॉक्टर ने घुटना प्रत्यार्पण की सलाह दी. इस पर वह 16 अप्रैल 2018 में जयपुर के अस्पताल में भर्ती हो गए. यहा से घुटना प्रत्यार्पण होने के बाद 22 अप्रैल 2018 को छुटटी दे दी गई.
उन्होंने बताया कि घुटनों के प्रत्यर्पण में 3.62 लाख रुपये का खर्चा आया. इस पर उन्होंने एक मई 2018 को पॉलिसी क्लेम की लेकिन कंपनी ने कोई जवाब नहीं दिया. कंपनी को ईमेल किया तो क्लेम कैंसिल होने की जानकारी दी. बीमा कंपनी ने यह कहते हुए उनका क्लेम व पालिसी निरस्त कर दी कि उन्होंने पालिसी लेते समय अपनी डायबिटीज व हाइपरटेंशन की बीमारी को छुपाया था.
इस मामले में उपभोक्ता फोरम द्वितीय में सुनवाई हुई. फोरम द्वितीय के अध्यक्ष आशुतोष्ज्ञ व सदस्यों पारुल कौशिकल एवं राजीव सिंह ने वादी के पक्ष में फैसला सुनाया और बीमा कंपनी को 4.18 लाख रुपये देने के आदेश दिए.