आगरालीक्स…आगरा में मर्डर का 38 साल बाद आया फैसला. जिन पर मर्डर का आरोप था उनमें से तीन की हो चुकी है मौत. कोर्ट ने अन्य आरोपी किए बरी..जानें पूरा मामला
आगरा में 38 साल पुराने हत्या के मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया और साक्ष्य के अभाव में आरोपियों को बरी करते हुए मुकदमा की कार्यवाही समाप्त कर दी. मामला 38 साल पहले यानी 1985 का है. जिसमें एक महिला ने अपने भाई की हत्या करने और आपराधिक षड्यंत्र का आरोप अपने अन्य भाइयों पर लगाया था. 38 सालों तक यह मामला कोर्ट में चला और इस दौरान केस के मुख्य आरोपियों में से तीन की मौत भी हो गई है.

ये है पूरा मामला
मामला एत्मादपुर के गांव भीकनपुर बाकरपुर गांव से जुड़ा हुआ है. गांव में रहने वाली मिथलेश कुमारी पत्नी जगदीश नरायन पचौरी ने 21 मई 1985 को डीआईजी को शिकायती पत्र दिया था जिसमें उसने आरोप लगाया कि उसके चार भाइयों में से एक रामचरन अविवाहित था, जिसके हिस्से में 30 बीघा जमीन आ रही थी. रामचरन ने सन्यास ले लिया और अपने हिस्से की वसीयत बहन के नाम कर दी. आरोप लगाया कि यह बात अन्य भाइयों बाबूलाल, जंगजीत आदि को पता लग गई. इस पर उन्होंने रामचरन की हत्या करवा दी.
पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी बाबूलाल, भतीजे अनिल एंव सत्यनिकंदन, मानिकचंद तथा जंगजीत शर्मा, रामवीर पुत्र हरिप्रसाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया. इसके बाद अदालत में हत्या, आपराधिक षड्यंत्र एवं आरोप में आरोप पत्र दाखिल किया गया. यह मामला लंबे समय से चल रहा था. इसी बीच आरोपी बाबूलाल, सत्यनिकंदन और जंगजीत शर्मा की मौत हो गई. कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में अन्य सभी आरोपियों को बरी कर दिया और उनके विरुद्ध मुकदमा की कार्यवाही समापत कर दी.