आगरालीक्स …Agra News: आगरा के आंबेडकर विवि के प्रोफेसर को रिसर्च स्कॉलर के शारीरिक शोषण के आरोपों की प्रारंभिक जांच के बाद किया निलंबित। पुलिस दर्ज कर चुकी है मुकदमा, छात्र नेताओं ने किया जमकर प्रदर्शन। ( Agra News: DBRAU, Agra Professor suspend after Research Scholar allegations & Police Lodge FIR#Agra )
डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि की कुलपति प्रो. आशु रानी द्वारा रसायन विज्ञान विभाग खंदारी परिसर स्थित आईबीएसके प्रो. जेसवार गौतम पर रिसर्च स्कॉलर द्वारा दो साल से शारीरिक शोषण के आरोप लगाने के मामले को गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए उसका स्वतः संज्ञान लिया गया तथा प्रकरण को विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समितिको जांच हेतु प्रेषित किया गया था। आंतरिक शिकायत समिति द्वारा प्रस्तुत प्रारंभिक जांच प्रतिवेदन के आधार पर कुलपति प्रो. आशु रानी द्वारा प्रो. गौतम जेसवार गौतम को तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेश तक निलंबित किए जाने के आदेश पारित किए गए हैं।
प्रकरण की विस्तृत जांच आंतरिक शिकायत समिति (ICC) द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के दिशा-निर्देशों तथा कार्यस्थल पर महिलाओं के प्रति लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, के प्रावधानों के अनुरूप सतत रूप से जारी रहेगी। विश्वविद्यालय इस प्रतिबद्धता का प्रतीक है कि प्रत्येक छात्रा को सुरक्षित वातावरण में सम्मान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिले।
एनएसयूआई, एबीवीपी और सपा छात्र सभा ने किया प्रदर्शन
रिसर्च स्कॉलर से दो साल तक शारीरिक शोषण करने आक्रोशित छात्र नेताओं ने प्रदर्शन किया। एनएसयूआई व समाजवादी छात्र सभा महानगर आगरा ने कुलपति आवास का घेराव किया । कई घंटो की नारेबाजी की। एनएसयूआई के
जिलाध्यक्ष का सतीश सिकरवार का कहना हे की जल्द से जल्द प्रोफेसर की गिरफ्तारी नही हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा । इस दौरान कुलदीप दीक्षित, हेमंत जादौन , जितेंद्र धनगर, अनिल सूर्यवंशी, ललित जाटव, अजय यादव, आरव पाण्डेय, रघुवीर वाल्मीकि , रोहित कदम , अंकुश शर्मा, कुलदीप सिकरवार्, अर्जुन दीक्षित, विष्णु शर्मा, शैलू जादौन ,अनुभव चौहान आदि मौजूद रहे।
उधर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय इकाई के कार्यकर्ताओं ने कुलपति को संबोधित ज्ञापन कुलसचिव महोदय को सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से परिषद ने मांग की है कि आरोपी प्रोफेसर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए तथा एक निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विद्यार्थी परिषद ने यह भी मांग रखी कि पीड़ित शोध छात्रा को सुरक्षा, मनोवैज्ञानिक सहायता एवं न्यायिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए, साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में छात्राओं की सुरक्षा के लिए ठोस नीति बनाकर उसका क्रियान्वयन किया जाए।
इस दौरान विभाग संगठन मंत्री रजत जोशी,कर्मवीर बघेल,दीपक कश्यप,सुमित शर्मा, सुब्रत हरदेनिया आकाश शर्मा, शिवांग खंडेलवाल,गोविंद वार्ष्णेय,रौनित,लक्की, पीयूष त्रिपाठी,शौर्य, प्रियांशु,अतुल बघेल, सानिया,पूजा,नीरज, प्रशांत चौधरी,दीपक शर्मा,आर्यन,यश,आदित्य,लखन,भोला,शिवम कोहली,दीपक शर्मा,ध्रुव,विपिन,आकाश,सुजाता माथुर, सुरभि आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
ये है मामला
आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि से दो वर्ष से बॉटनी में रिसर्च कर रही छात्रा के को गाइड इंस्टीटयूट आफ बेसिक साइंस के केमिस्ट्री विभाग के प्रोफेसर हैं। छात्रा ने आरोप लगाए हैं कि प्रोफेसर ने शादी करने का झांसा देकर दो साल तक शारीरिक शोषण किया। खजुराहो और बरसाने के होटल में ले जाकर शोषण किया गया। हर रविवार को दोपहर दो से छह बजे तक अपने कार्यालय में बुलाते थे। शनिवार को भी कार्यालय में बुलाया, शादी की कहने पर हाथापाई की। शादी करने से इन्कार करने के साथ ही सुबूत मिटाने के लिए मोबाइल तोड़ने की कोशिश की। इस मामले में पुलिस ने रिसर्च स्कॉलर के बयान दर्ज करने के साथ ही थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज किया और सोमवार को मेडिकल कराया गया था।