आगरालीक्स…आगरा से देश के अन्य शहरों के लिए भी एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की मांग. धार्मिक शहरों के लिए ज्यादा हो फ्लाइट. अर्जुन नगर गेट के बाहर लगवाया जाएं यात्री प्रतीक्षालय के सूचना पट
सिविल एन्क्लेव तक हवाई यात्रियों को सुविधा जनक पहुंच सहज बनाए जाने के लिए ‘यात्री सुविधा लाउंज (प्रतीक्षालय ) का संचालन शुरू हो जाने के साथ ही अब देश भर में जहां-जहां भी नागरिक हवाई सेवाओं के लिये वायुसेना परिसरों में हवाई अड्डे संचालित है, गेटों के आसपास प्रतीक्षालय बन सकेंगे। सिविल सोसायटी ऑफ़ आगरा के जनरल सेक्रेटरी अनिल शर्मा ने बताया कि वायुसेना मुख्यालय से पत्राचार के क्रम में यह जानकारी दी गई है।

सिविल सोसायटी ऑफ़ आगरा ने वायुसेना मुख्यालय नई दिल्ली से वायुसेना के खेरिया एयरपोर्ट आगरा के परिसर में ‘यत्री सुविधा लाऊंज’को संचालित करने के लिये अनुमति देने का अनुरोध गया था। सात करोड़ से तैयार लाउंज को संचालित करने में वायुसेना की अनुमति न मिलना प्रचारित था। वायुसेना की ओर से दी गई आधिकारिक में कहा है कि उसके द्वारा कभी भी लाउंज शुरू करने पर आपत्ति नहीं जताई गई। जिला प्रशासन और AAl के साथ इस मुद्दे पर कई चर्चाएं हुई हैं और लाउंज के संचालन के तरीकों और साधनों का सुझाव दिया गया ।
सिविल सोसायटी ऑफ़ आगरा का कहना है कि प्रसन्नता है कि अब लाऊंज शुरू हो चुका है। उम्मीद की जानी चाहिए कि उत्तर भारत के राज्यों में जहां भी वायुसेना परिसरों का उपयोग नागरिक उड्डयन सेवाओं के लिये हो रहा है, वायुसेना की अपने परिसरों के उपयोग अनुमति की नीति के अनुरूप यात्री प्रतीक्षालय बनाये जाएंगे।
क्यूआर कोड युक्त सूचना पट पर हो यात्री लाऊंज की जानकारी
सिविल सोसाइटी ऑफ़ आगरा का अनुरोध है कि एयरफोर्स स्टेशन आगरा के अर्जुन नगर गेट के बाहर क्यू आर कोड युक्त हिन्दी व अंग्रेजी में सिविल एन्क्लेव प्रशासन के द्वारा एक सूचना पट लगवाया जाए,जिसमें यात्री लाऊंज तक पहुंच की जानकारी देने वाली सूचनाएं और संबंधितों के मोबाइल नंबर आंकित हों। यू पी टूरिज्म और भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की वेवसाइटों पर भी यात्री लाऊंज संचालित होने व उसके उपयोग संबधी सूचनाओं को अपलोड करवाया जाए।
रीजनल एयर कनेक्टिविटी सुविधा की मियाद बढे
आगरा के नागरिकों और पर्यटकों के हित में जो फ्लाइटें यहां से संचालित है, उनकी रीजनल एयर कनेक्टिविटी योजना के तहत दी जाने वाली सुविधाओं को दो साल तक और बढ़ाया जाए। योजना के तहत ही नई फ्लाइटें भी आगरा के लिये चलवाईं जाएं। दक्षिण भारत के केवल बेंगलुरु और हैदराबाद महानगर ही वर्तमान में आगरा से एयर कनेक्ट है, जबकि धार्मिक पर्यटन बढ़ने से कई अन्य महानगर को एयरकनेक्टिविटी दिए जाने की जरूरत है।