आगरालीक्स ….आगरा में प्राचीन चामुंडा मंदिर को हटाने के लिए रेलवे के नोटिस से आक्रोश।
आगरा के राजा की मंडी स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर प्राचीन चामुंडा देवी मंदिर है। मंदिर को हटाने के लिए रेलवे ने नोटिस चस्पा किया है। इसका विरोध शुरू हो गया है। गुरुवार रात को स्थानीय लोगों ने बैठक की, इसमें निर्णय लिया गया कि रेलवे प्रशासन द्वारा जारी किया गया नोटिस अवैध है और किसी भी तरीके से न्याय संगत नहीं है। चामुंडा मंदिर स्टेशन बनने से पहले का है और इसके प्रमाण भी हैं। लोगों ने निर्णय लिया कि किसी कीमत पर यहां से मंदिर नहीं हटने दिया जाएगा।

2011 में भी मंदिर हटाने के लिए नोटिस किया गया था चस्पा
2011 में भी मंदिर हटाने के लिए नोटिस जारी हुआ था तब इस मंदिर पर जिला प्रशासन की ओर से रिसीवर नियुक्त थे। रिसीवर द्वारा रेलवे को जवाब भेजा गया था कि इस मंदिर में कोई भी धर्मशाला नहीं है। केवल मंदिर में पुजारियों के रहने के लिए दो कमरे बने हुए है। मंदिर की ओर से किसी भी तरह का कोई अतिक्रमण नहीं किया गया है। बैठक में कहा गया कि जब 2011 में पूरे मामले का निस्तारण हो गया था तो अब फिर से क्यों मंदिर को अवैध बताकर अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किया गया है। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस संबंध में शीघ्र एक प्रतिनिधि मंडल डीआरएम से मिलेगा और नोटिस का लिखित जवाब देते हुए पुराने सभी कागजात दिखाएं जाएंगे। इसके अलावा आगरा के सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल को भी इस मामले से अवगत कराया जाएगा। बैठक में प्रमुख रूप से चामुंडा देवी मंदिर के महंत ब्रह्मचारी जी महाराज मंदिर कमेटी के अध्यक्ष दराब सिंह, कोषाध्यक्ष विजय शर्मा क्षेत्रीय पार्षद चौहान विश्व हिंदू परिषद के डॉक्टर सुरेंद्र भगौर भाजपा नेता अरुण पाराशर विष्णु कुशवाह अरिहंत जैन संजू यादव, मनीष वर्मा, शशांक भार्गव, और आशीष शिवहरे आदि मौजूद रहे।