आगरालीक्स…दिल्ली की हवा ‘बेहद खराब’ तो आगरा में इस महीने सिर्फ दो दिन रही ‘साफ’, दमा—अस्थमा के साथ सांस के दूसरे मरीजों और ह्दय रोगियों की मुश्किलें बढ़ीं
आगरा में अस्पतालों में दमा—अस्थमा के साथ सांस के दूसरे रोगों वाले मरीजों की संख्या अचानक बढ़ने लगी है। इसे प्रदूषण का असर बताया जा रहा है। इस पर अगर काबू नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में तकलीफ और बढ़ सकती है। हालांकि आगरा में नगर निगम द्वारा आगरा में स्प्रिंकलर से छिड़काव समेत दूसरे प्रयास शुरू कराए गए हैं, जिसका असर आने वाले कुछ दिनों में दिखाई पड़ेगा।
देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का प्रदूषण से हाल बेहाल है। एयर क्वालिटी इंडेक्ट (AQI) लगातार 400 के पार है। हालांकि आज यह 342 पर रहा। इधर आगरा में इस महीने यानि नवंबर में 22 दिन बीत जाने के बाद सिर्फ दो ही दिन हवा स्वच्छ रही है। आगर में आज यानि 22 नवंबर का एक्यूआई भी बढ़ा हुआ यानि 178 दर्ज किया गया है। इस महीने अधिकांश दिनों में यह 178 के आंकड़े के आस—पास ही रहा है। केवल एक और चार नवंबर को ही 56 और 95 एक्यूआई के साथ हवा साफ रही। जबकि चार दिन 10, 11, 14 और 20 नवंबर को यह 200 के पार यानि खराब स्थिति में पहुंचा।
22 नवंबर के दिन आगरा में 202 एक्यूआई के साथ मनोहरपुर और 237 एक्यूआई के साथ संजय प्लेस एरिया में हवा सबसे खराब रही। इधर रोहता में वायु गुणवत्ता सूचकांक 157, आवास विकास कॉलोनी में 173, शाहजहां गार्डन में 177 तो शास्त्रीपुरम में 125 दर्ज किया गया।
बता दें कि वायु गुणवत्ता के हिसाब से 0 से 50 एक्यूआई तक हवा को साफ, 51 से 100 एक्यूआई तक प्रदूषण बढ़ा हुआ, 101 से 150 एक्यूआई तक अस्वस्थ लोगों के लिए खराब, 151 से 200 का आंकड़ा छू लेने पर यह स्वस्थ लोगों के लिए भी खराब हो जाती है, 201 से 300 एक्यूआई के बीच यह बेहद खराब मानी जाती है और 300 से भी अधिक पहुंच जाने पर यह खतरनाक हो जाती है।