आगरालीक्स…आगरा में धूप से लोगों की स्किन हो रही खराब. कैंप में डॉक्टर्स ने बताए त्वचा संबंधी समस्याओं से बचाव और सनस्क्रीन के सही उपयोग के बारे में
तपती गर्मी और तेज धूप के मौसम में त्वचा की सुरक्षा बेहद जरूरी हो जाती है। इसी उद्देश्य को लेकर रेनबो वेलनेस की ओर से बुधवार को उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल में एक विशेष सनस्क्रीन प्रोटेक्शन कैंप लगाया गया। कैंप में आए 75 लोगों को त्वचा संबंधी समस्याओं से बचाव और सनस्क्रीन के सही उपयोग को लेकर विशेषज्ञों ने जागरूक किया।
रेनबो वेलनेस की एमडी व वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. निहारिका मल्होत्रा ने बताया कि विशेष रूप से बच्चों की त्वचा तेज धूप और यूवी किरणों के प्रति बेहद संवेदनशील होती है। बचपन में होने वाला गंभीर सनबर्न भविष्य में स्किन कैंसर का खतरा दोगुना कर सकता है। डॉ. निहारिका ने सलाह दी कि बच्चों के लिए ब्रॉड-स्पेक्ट्रम, एसपीएफ 30 या अधिक वाला सनस्क्रीन उपयोग करें, जिसे धूप में निकलने से 15-30 मिनट पहले लगाया जाए और हर दो घंटे में दोबारा लगाया जाए। साथ ही छह महीने से छोटे शिशुओं को सीधी धूप से बचाना चाहिए और त्वचा को कपड़ों से ढककर रखना चाहिए।
वयस्कों के लिए भी सनस्क्रीन है जरूरीडॉ. नरेंद्र मल्होत्रा, एमडी उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल, ने बताया कि तेज गर्मी और लगातार धूप के संपर्क में आने से त्वचा झुलस सकती है और स्किन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि सनस्क्रीन लगाने से शरीर में विटामिन डी के अवशोषण पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता।
सही सनस्क्रीन का चयन है जरूरी
रेनबो आईवीएफ की एमडी व बांझपन विशेषज्ञ डॉ. जयदीप मल्होत्रा ने बताया कि बाजार में मिलने वाले सभी सनस्क्रीन प्रभावी नहीं होते। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल एसपीएफ 30 या उससे अधिक वाले ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन ही वास्तविक सुरक्षा देते हैं। गर्मियों में दिन में दो से तीन बार इसका उपयोग करना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन रवि अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर डॉ. शिवालिका शर्मा समेत अस्पताल के कई चिकित्सक और स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे।