आगरालीक्स…आगरा के ज्योतिषाचार्य लूनकरन जैन का मृत्योपरांत देहदान और नेत्रदान किया. पार्थिव शरीर एसएन मेडिकल कॉलेज को सौंपा गया…
81 वर्षीय ज्योतिषाचार्य लूनकरन जैन ने मृत्योपरांत इतिहास रच दिया। उनकी इच्छानुसार उनका देहदान और नेत्रदान किया गया है। आगरा विकास मंच ने इस नेक काम में महती भूमिका निभाई है। गंगेश्वर कैम्पस, रिंग रोड निवासी विमल कुमार जैन, पीयूष जैन और विवेक जैन के पिता लूनकरन जैन का शनिवार सुबह निधन हो गया। उन्होंने मृत्यु से पूर्व देहदान और नेत्रदान का संकल्प लिया था। उनके पुत्रों विमल जैन पीयूष जैन विवेक जैन ने इस बारे में आगरा विकास मंच के अध्यक्ष राजकुमार जैन और संयोजक सुनील कुमार जैन से संपर्क किया। उन्होंने देहदान के लिए समुचित व्यवस्था कराई।
शाम को रिंग रोड से एसएन मेडिकल कॉलेज तक शवयात्रा निकाल कर देहदान की प्रक्रिया पूरी की गई। इस मौके पर के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता और एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. कमल भारद्वाज, लूनकरन जैन के परिजन विमल कुमार जैन, पीयूष जैन, विवेक जैन, पारस जैन, डॉ. गौतम जैन, मंच के महामंत्री सुशील जैनसुनीता जैन, प्रभात जैन के साथ अजय ललवानी, क्षेत्र बजाय कमेटी के महामंत्री राकेश अग्रवालकेके कोठारी, दुष्यंत जैन, प्रेम ललवानी उपस्थित थे।
इस संबंध में राजकुमार जैन और सुनील कुमार जैन ने बताया कि जीवन में देहदान से बड़ा कोई दान नहीं है। लूनकरन जैन के मृत शरीर से चिकित्सा छात्र वास्तविक ज्ञान प्राप्त करेंगे। यही छात्र चिकित्सक के रूप में नागरिकों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हैं। उनके तीनों पुत्रों विमल कुमार जैन, पीयूष जैन और विवेक जैन ने बताया कि पिता ने जीवनकाल में ही देहदान की बात कही थी। पिता की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए देहदान किया गया है। उन्होंने आगरा विकास मंच के अध्यक्ष राजकुमार जैन का आभार प्रकट किया है।