आगरालीक्स…आगरा मंडल में 10 साल पुरानी इस प्राइवेट यूनिवर्सिटी को समाप्त करने की कैबिनेट ने दी स्वीकृति. आगरा के आंबेडकर विवि को सौंपे जाएंगे छात्रों के सभी दस्तावेज
आगरा मंडल के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद में साल 2015 में निजी जेएस विश्वविद्यालय को मानयता मिली थी. जेएस विवि से मंडलभर के छात्रों ने पढ़ाई की. साल 2025 में राजस्थान की शारीरिक शिक्षा अध्यापन भर्ती परीक्षा 2022 में बड़ी संख्या में जेएस विवि से बीपीएड की डिग्री लगाकर आवेदन किए गए थे. जांच में सामने आया कि जेएस विवि द्वारा सीटों से अधिक बीपीएड की डिग्री वितरित की गईं. इस मामले में जेएस विवि के कुलाधिपति सुकेश यादव, कुलसचिव नंदन मिश्रा सहित अन्य लोगों को अरेस्ट किया गया था.उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के अनुसार शासन स्तर पर गठित जांच समितियों की रिपोर्ट में सामने आया कि जेएस विवि ने निजी विवि की अधिग्रहण की कई धाराओं का उल्लंघन किया. डिग्री देने की शक्ति का दुरुपयोग किया और संगठित तरीके से फर्जी डिग्रियां और अंकतालिकाएं जारी कीं. निजी विवि के लिए 40 एकड़ भूमि होनी चाहिए लेकिन इस विवि के पास 35.637 एकड़ भूमि पाई गई जो अधिनियम की धारा 3 का उल्लंघन है.
जेएस विवि का हुआ परिसमापन
मंगलवार को केबिनेट की बैठक में जेएस विवि के परिसमापन का निर्णय लिया गया है. परिसमापन की अवधि में विवि से जुड़ी शेष जिम्मेदारियों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय अंतरिम समिति गठित की जाएगी. परिसमापन के बाद डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि आगरा को जेएस विवि की सभी दस्तावेज संरक्षित करने और सत्यापन करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी. जिसके बाद जेएस विवि से अभी तक पढ़ाई कर चुके सभी छात्र अपनी डिग्री और अंकतालिका का सत्यापन डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि आगरा से करा सकेंगे.