आगरालीक्स .(.दो मिनट में पूरी खबर) ..आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की सात मंजिला बिल्डिंग में आग लगने का कारण आया सामने, धुआं से घुटने लगा दम 20 मिनट में 200 मरीज बाहर निकाले, एनओसी नहीं, वीडियो आए सामने।
एसएन मेडिकल कालेज में सात मंजिला नई सर्जरी बिल्डिंग है। इस बिल्डिंग में सर्जरी, अस्थि रोग, ईएनटी, आईसीयू विभाग हैं। मंगलवार को करीब 200 मरीज भर्ती थे, आपरेशन भी चल रहे थे। दोपहर 12.30 बजे एक के बाद एक वार्ड में धुआं भरने लगा। इससे मरीजों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। चंद मिनटों में बिल्डिंग में आग लगने की जानकारी होते ही तीमारदार अपने मरीजों को लेकर बाहर की तरफ भागने लगे।

सीढ़ियों में गिर गए मरीज, बेहोश हुए तीमारदार
मरीजों को बाहर निकालने में तीमारदारों को परेशानी हुई, शार्ट सर्किट से आग की आशंका पर बिजली आपूर्ति ठप कर दी गई। सीढ़ियों और रैंप से मरीजों को बाहर निकाला गया। तीमारदार मरीज को पीठ और गोद में लेकर बाहर की तरफ भागे, इससे मरीज सीढ़ियों पर गिर गए, तीमारदार भी बेहोश हो गए।
20 मिनट में बाहर निकाल लिए गए मरीज
तीमारदारों के साथ ही एसएन के डॉक्टर, जूनियर डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ ने भी मरीजों को बाहर निकालने में मदद की। करीब 20 मिनट में सात मंजिला बिल्डिंग से 200 मरीज को बाहर निकाल लिया गया। आईसीयू में पांच मरीज थे, इसमें से भी दो मरीजों को बाहर निकाल लिया गया।
आग लगने का यह कारण आया समाने
एसएन मेडिकल कालेज की नई सर्जरी बिल्डिंग में प्रारंभिक जांच के बाद एसएन के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता का कहना है कि मरीज के तीमारदार ने बीडी पीकर कूड़े में फैंक दी। इससे डक्ट में भरे कूड़े में आग लग गई, डक्ट का हर वार्ड में गेट है, जहां जहां गेट खुला हुआ था वहां धुआं भर गया। बेसमेंट में डक्ट का ताला तोड़कर कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया गया।

बिल्डिंग की अग्निशमन विभाग की नहीं है एनओसी
एसएन मेडिकल कॉलेज की जिस बिल्डिंग में आग लगी है उस बिल्डिंग की एनओसी नहीं है। बिल्डिंग में डेढ़ महीने से आग बुझाने के लिए संयत्र लगाया जा रहा है, अभी काम पूरा नहीं हुआ है। इसके साथ ही नेत्र रोग विभाग, टीबी डिपार्टमेंट, ब्लड बैंक, मेडिसिन विभाग, एकेडमिक ब्लॉक की भी एनओसी नहीं है।