आगरालीक्स …Agra News: आगरा में बाढ़ से दयालबाग, बल्केश्वर सहित 50 कॉलोनी डूबी, नाले बैक मारने से यमुना किनारे रोड पर गंदा पानी भरा 15 साल का रिकॉर्ड टूटा, अभी दो दिन और यमुना का जलस्तर बढ़ेगा, 1978 में बाढ़ में चलानी पड़ी थी नाव। ( Agra News: Flood in Agra, Water enter in 50 colonies, Drain water comes on road, Water level increases in next two days#Agra)
500.67 फीट पहुंचा जलस्तरजिला प्रशासन द्वारा सोमवार सुबह सात बजे जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, यमुना का जलस्तर सुबह सात बजे 500.67 फीट 152.605 मीटर पहुंच गया है, जबकि डेंजर लेवल (152.400 मीटर है) यमुना में गोकुल बैराज से सुबह 1.60 लाख क्यूसिक पानी छोड़ा गया है।
मथुरा के गोकुल बैराज से छोड़े जा रहे पानी से यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। आगरा में रविवार को यमुना का जलस्तर 500 फीट को पार कर गया, यमुना का जलस्तर 500.27 फीट तक पहुंच गया। इससे पहले 2010 में यमुना का जलस्तर 499.6 फीट तक पहुंचा था, 15 साल का रिकॉर्ड टूटने से आगरा के दयालबाग की अमर बिहार, दयालबाग के अमर विहार में राजश्री अपार्टमेंट में पानी भर गया है। नालंदा टाउन, विकास अपार्टमेंट, खासपुर में मां गौरी टाउन, जगनपुर, सिकंदपुर, मनोहरपुर, नगला तल्फी, बल्केश्वर के अनुराग नगर, लोहिया नगर, रामबाग की बस्तियों सहित करीब 50 कॉलोनियों में पानी भरने लगा है। इसके साथ ही कैलाश मंदिर और कैलाश गांव में पानी भर गया है। लोगों को सेल्टर होम में पहुंचा गया है।
नाले बैक मारने से बिगड़ने लगे हालात
यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ने से नाले बैक मारने लगे हैं, इससे यमुना किनारा मार्ग पर आगरा किला के पास नाले का गंदा पानी रात में भर गया। भैरों नाले के बैक मारने से भी रास्ते में पानी भरने लगा है। इसके साथ ही नगला बूढ़ी सहित शहर के बड़े नालों के बैक मारने का खतरा बढ़ गया है।
1978 में 508 फीट तक पहुंचा था पानी
आगरा में 1978 में बाढ़ आई थी उस समय 508 फीट तक यमुना का जलस्तर पहुंच गया था और बेलनगंज में नाव चलानी पड़ी थी, इसके बाद 2010 में यमुना का जलस्तर 499.6 फीट तक पहुंचा था, 2023 में 499 फीट तक यमुना का जलस्तर पहुंच गया था इस बार अभी तक 500.23 फीट तक यमुना का जलस्तर पहुंच गया है।
दो दिन और बढ़ेगा यमुना का जलस्तर
जिस तरह से गोकुल बैराज मथुरा से यमुना में पानी छोड़ा जा रहा है अनुमान है कि अभी दो दिन और यमुना का जलस्तर बढ़ेगा इससे हालात और बिगड़ सकते हैं। देहात का भी बुरा हाल है, फतेहाबाद के गांवों के साथ ही बटेश्वर में मंदिरों में पानी भर गया है। पिनाहट के गांव भी पानी से प्रभावित हुए हैं।