आगरालीक्स…आगरा के शांतिवेद इंस्टीट्यूट एवं मेडिकल साइंसेज में तीन हृदय रोगियों के निशुल्क आपरेशन हुए. दो की बाईपास सर्जरी हुई तो एक महिला के दो वॉल्व रिपलेसमेंट….तीनों मरीज आज मुस्कुराते चेहरे के साथ हुए डिस्चार्ज…..
दुआएं देकर गए रोते हुए आए मरीज
17 अप्रैल को लॉयन्स क्लब ऑफ आगरा विशाल द्वारा शांति वेद हॉस्पीटल में आयोजित निशुल्क हृदय व डायबिटीज शिविर में जो मरीज रोते हुए पहुंचे थे और दुआएं देकर गए। क्लब एवं डॉक्टर दिव्या प्रकाश मेमोरियल फ़ाउंडेशन द्वारा तीन जरूरतमंद मरीजों के हृदय रोग के जटिल ऑपरेशन एक जून 2022 को निशुल्क कराए गए। जिसमें दो मरीज़ों की बाईपास सर्जरी व एक महिला मरीज़ के दो वॉल्व रिपलेसमेंट का ऑपरेशन था, जिसे शांति वेद हॉस्पीटल में फोर्टिस हॉस्पीटल गुरुग्राम के हृदय रोग विभाग के निदेशक डॉ. उदगीथ धीर ने किया। आज तीनों मरीजों को मुस्कुराते हुए चेहरे के साथ हॉस्पीटल से डिस्चार्ज किया गया।
पहली बार रीडू वॉल्व रिप्लेसमेंट आपरेशन
शांति वेद हॉस्पीटल में आयोजित आज मरीजों के विदाई समारोह में अध्यक्ष राजेन्द्र अग्रवाल ने सभी का स्वागत किया और उन मरीज़ों को अच्छे स्वस्थ के लिए अपनी शुभ कामनाएँ दीं।वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अरविन्द जैन ने बताया कि आगरा में पहली बार रीडू वॉल्व रिप्लेसमेंट ऑपरेशन हुआ है। उन्होंने लॉयन्स क्लब विशाल के साथ शांति वेद हॉस्पीटल के डॉ. अजय प्रकाश व फोर्टिस हॉस्पीटल के डॉ. उदगीथ धीर को धन्यवाद दिया। डॉ. उदगीथ ने बताया कि बछगांव फिरोजाबाद की अलका रानी की पहले हृदय जर्जरी हो चुकी थी। पैरालिसिस अटैक भी आ चुका था। तीन वॉल्व खराब हो गए थे। दो का रिप्लेसमेंट किया गया। रीडू (दोबारा सर्जरी होना) होने के कारण ऑपरेशन जटिल था। तकलीफ इतनी थी कि अलका चल भी नहीं पाती थी। आज चलकर कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची।
ये लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर मुख्य रूप से डिस्ट्रिक गवर्नर श्याम बिहारी अग्रवाल लायंस क्लब ओफ़ आगरा की इस मानवीय सेवा कार्य के लिये बहुत प्रशंसा की, कैबिनेट सचिव किशोर गोयल, डॉ. शुभम जैन, अध्यक्ष राजेन्द्र अग्रवाल, सचिव सुशील अग्रवाल, कोषाध्यक्ष विवेक कांत गुप्ता, महेन्द्र जैन, सुनील अग्रवाल, अजय बंसल,राहुल गोयल, रवि खंडेलवाल, विनय बंसल, विवेक गुप्ता, शिव कुमार अग्रवाल, रविन्द्र जिन्दल आदि मौजूद थे।
बीमारी के कारण बेटी की शादी नहीं कर पाए, जमीन भी बिक गई
अलका के पति उमेश कुमार ने बताया कि पत्नी की बीमारी के कारण बेटी की शादी नहीं हो पाई है। जमीन भी बिक गई। उन्हें खुशी है कि अब उनकी पत्नी चलफिर कर सभी काम कर पाएंगी।