आगरालीक्स…आगरा में आरबीएस इंजीनियरिंग टेक्निकल कैंपस में त्रि दिवसीय वाार्षिकोत्सव अभ्युदय 2025 क शुभांरभ. भव्य रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम “अनुभूति 2025” के साथ हुआ आरंभ
अभ्युदय 2025 के उद्घाटन सत्र में राजा बलवंत सिंह इंजीनियरिंग टेक्निकल कैंपस, बिचपुरी आगरा के ऑब्जर्वर युवराज अंबरीश पाल सिंह जी ने संस्थापक, परम श्रद्धेय राजा बलवंत सिंह जी के नव निर्मित चित्र एवं संस्थान की नाम पट्टिका का अनावरण राजा बलवंत सिंह इंजीनियरिंग टेक्निकल कैंपस, बिचपुरी, आगरा में किया। इसके पश्चात भव्य रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम “अनुभूति” का आयोजन राव कृष्णपाल सिंह ऑडिटोरियम, आर० बी० एस० कॉलेज, खंदारी, आगरा में किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि शिव विधानसभा, बाड़मेर, राजस्थान के विधायक माननीय रविंद्र सिंह भाटी जी; कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं ऑब्जर्वर, राजा बलवंत सिंह इंजीनियरिंग टेक्निकल कैंपस, बिचपुरी आगरा युवराज अंबरीश पाल सिंह जी; विशिष्ट अतिथि युवरानी अपराजिता कुमारी जी, निदेशक (अकादमिक) प्रो० बी० के० सिंह; निदेशक (प्रशासनिक एवं वित्त) प्रो० पंकज गुप्ता; प्रो० श्रद्धा रानी सिंह (प्रभारी प्रवेश समिति); एवं अभ्युदय 2025 के संयोजक डॉ० आशीष खरे द्वारा मां सरस्वती व संस्थापक राजा बलवंत सिंह जी के चित्रों पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया गया।
अभ्युदय 2025 के संयोजक डॉ० आशीष खरे ने अभ्युदय 2025 के अंतर्गत होने वाले तीनों दिन के कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि प्रथम दिन रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम अनुभूतिः द्वितीय दिन अभिव्यक्ति के अंतर्गत अक्स (फेस पेंटिंग), प्रहेलिका (टेक्नो क्विज), वाद विवाद, एवं बैस्ट आउट ऑफ़ द वेस्ट; एवं तृतीय दिन छात्र मेला गार्निश द फेट तथा उत्कर्ष के अंतर्गत खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जायेगा।
संस्थान की प्रवेश समिति की प्रभारी प्रो० श्रद्धा रानी सिंह ने संस्थान की उपलब्धियों को प्रस्तुत करते हुए संस्थान में चल रहे सरकारी प्रोजेक्ट, कॉन्फ्रेंस, वर्कशॉप, एम्०ओ०यू० एवं प्लेसमेंट के विषय में जानकारी दी।

संस्थान के निदेशक (अकादमिक) प्रो० बी० के० सिंह ने अपने स्वागत उदबोधन में सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्हें संस्थान के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि राजा बलवंत सिंह इंजीनियरिंग टेक्निकल कैंपस, बिचपुरी आगरा तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक जाना माना एवं स्थापित नाम है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि देश को आगे बढ़ाने में युवा वर्ग का विशेष योगदान है। उन्होंने बताया कि कॉलेज के संस्थापक परम श्रद्धेय राजा बलवंत सिंह जी का नाम उत्तर प्रदेश ही नहीं अपितु संपूर्ण भारत में प्रसिद्ध है। यहाँ से शैक्षणिक उपाधि प्राप्त छात्र/छात्राएं विश्वभर में अपना परचम लहरा रहे हैं। मुख्य अतिथि माननीय रविंद्र सिंह भाटी, विधायक, शिव विधानसभा बाड़मेर, राजस्थान ने सभी का अभिवादन करते हुए कहा कि आज इस वार्षिकोत्सव अभ्युदय 2025 के शुभ अवसर पर आप सभी के बीच उपस्थित होकर मैं अत्यंत गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ। राजा बलवंत सिंह इंजीनियरिंग टेक्निकल कैंपस, बिचपुरी आगरा ने शिक्षा, समाज सेवा और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि आज के युग में तकनीकि शिक्षा एवं नैतिक मूल्यों का संतुलन अत्यंत आवश्यक है। दरअसल शिक्षा हासिल करते हुए छात्र-छात्राएं अवगुणो को त्याग रहे होते हैं व् सद्गुणों को आमंत्रित कर रहे होते हैं। जीवन के असल आनंद की अनुभूति शिक्षा से ही होती है बशर्ते शिक्षा के उद्देश्यों में तथ्यों का नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों का समावेश हो। उन्होंने आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए सभी छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य की कामना की।
अभ्युदय 2025 कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे युवराज अंबरीश पाल सिंह, ऑब्जर्वर, राजा बलवंत सिंह इंजीनियरिंग टेक्निकल कैंपस, बिचपुरी, आगरा ने छात्र-छात्राओं को जानकारी देते हुए बताया कि हमारा संस्थान गुणवत्ता परक शिक्षा के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने बताया कि शिक्षा के साथ-साथ छात्रों को अन्य विधाओं में भी अपने कौशल को निखारने का प्रयास करना चाहिए तभी अभ्युदय जैसे कार्यक्रमों के आयोजन का उद्देश्य सार्थक होगा। उन्होंने बताया कि आर०बी०एस० कॉलेज, आगरा एशिया का क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से सबसे बड़ा कॉलेज है, राजा बलवंत सिंह जी ने 1885 में 1000 एकड़ से अधिक भूमि शिक्षा के प्रसार के लिए दान में दी थी। सन 1885 में परम श्रद्धेय राजा बलवंत सिंह जी के द्वारा लगाया गया बीज, अब वर्तमान में एक वट वृक्ष का रूप ले चुका है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि राजा बलवंत सिंह इंजीनियरिंग टेक्निकल कैंपस, बिचपुरी आगरा के छात्र-छात्राओं ने डॉ० ए० पी० जे० अब्दुल कलाम जोनल स्पोर्ट्स फेस्ट में भी शानदार प्रदर्शन कर संस्था का नाम रौशन किया है। उन्होंने शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्रों एवं सभी अभिवावकों को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से हम नयी ऊचाइयों को छुएंगे।
उद्घाटन कार्यक्रम के पश्चात संस्थान के छात्र-छात्राओं द्वारा भव्य रंगारंग कार्यक्रम डॉ० नितिन अग्रवाल, इंचार्ज फैकल्टी ऑफ़ फार्मेसी के निर्देशन में किया गया। जिसमें नृत्य, गायन, कविता पाठ, लघु नाटिका एवं फैशन शो आदि की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। कंप्यूटर साइंस की छात्राओं ने “मेरे घर राम आएंगे” गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। बायोटेक्नोलॉजी के सुमित सोनी ने बांसुरी वादन की प्रस्तुति कर सभी को मंत्र मुक्त कर दिया। कंप्यूटर साइंस के अभय यादव एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग के समीर खान ने गिटार वादन कर सभी का मन मोह लिया। बायोटेक्नोलॉजी के विनय तोमर ने राणा सांगा जी पर आधारित काव्य पाठ प्रस्तुत किया। कंप्यूटर साइंस के छात्र-छात्राओं द्वारा द्रौपदी चीर हरण पर आधारित लघु नाटिका प्रस्तुत की गयी। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन के साक्षी एंड ग्रुप तथा फूड टेक्नोलॉजी के प्रीती कुरील एंड ग्रुप द्वारा फैशन शो प्रस्तुत किया गया। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन के प्रियांशु चौधरी, बायोटेक्नोलॉजी के ऋषि कटारा, केमिकल इंजीनियरिंग की जिज्ञासा पांडेय ने मनमोहक गीत प्रस्तुत कर दर्शकों की तालियां बटोरी। छात्र-छात्राओं में गार्गी एवं अमन, दिव्यांजलि एवं आशुतोष, वंशिका एवं अमन तथा वेदांत दुबे ने एंकरिंग की। इसके पश्चात मुख्य अतिथि ने सभी विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र वितरित किए। कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं ऑब्जर्वर, राजा बलवंत सिंह इंजीनियरिंग टेक्निकल कैंपस, बिचपुरी आगरा युवराज अंबरीश पाल सिंह ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन डा० सौम्या राठौर ने किया। संस्थान के निदेशक (प्रशासनिक एवं वित्त) प्रो० पंकज गुप्ता ने मुख्य अतिथि, आयोजन समिति, मीडिया कर्मी एवं छात्र छात्राओं का धन्यवाद ज्ञापन किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रो० विजय श्रीवास्तव (प्राचार्य आर०बी०एस० कॉलेज), डॉ० सीमा भदौरिया (प्राचार्य बी०वी०आर०आई०), श्री प्रवीण कुमार विद्यार्थी (प्राचार्य आर०बी०एस० पॉलीटेक्निक), मेजर विवेक वीर सिंह (प्राचार्य आर०बी०एस० इंटर कॉलेज), प्रो० ए० एन० सिंह (निदेशक, आर० बी० एस० ऍम० टी० सी०), प्रो० पायल गर्ग (निदेशक प्रशासन एवं वित्त, आर० बी० एस० ऍम० टी० सी०), प्रो० निशांत चौहान, प्रो० विपिन अग्रवाल, प्रो० रामवीर सिंह चौहान, प्रो० राजवीर सिंह, डॉ० उमा आदि का विशेष योगदान रहा।